अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई उच्चस्तरीय मुलाकात के बाद आयोजित राजकीय रात्रिभोज सिर्फ कूटनीतिक मेजबानी का कार्यक्रम नहीं रहा। इसमें अमेरिकी सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ देश की तकनीकी, वित्तीय, रक्षा, ऊर्जा और औद्योगिक कंपनियों के कई दिग्गज एक ही जगह दिखाई दिए। मेहमानों की सूची ने यह भी दिखाया कि अमेरिका-चीन संबंधों में व्यापार और तकनीक का महत्व अब कूटनीति के समानांतर एक बड़े रणनीतिक मुद्दे के रूप में मौजूद है।
राजकीय रात्रिभोज में एप्पल के टिम कुक, एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग, मेटा के मार्क जुकरबर्ग, ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन, माइक्रोसॉफ्ट के सत्य नडेला, गूगल के सुंदर पिचाई और टेस्ला तथा स्पेसएक्स के एलन मस्क समेत अमेरिका के कई प्रमुख कारोबारी और तकनीकी चेहरे शामिल हुए। एडवांस्ड माइक्रो डिवाइसेज की प्रमुख लिसा सु, अमेजन के जेफ बेजोस, माइक्रॉन के संजय मेहरोत्रा और क्वालकॉम के क्रिस्टियानो आमोन भी मेहमानों की सूची में थे।
एक मेज पर टेक की दुनिया के सबसे बड़े नाम
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स और सीएनबीसी के अनुसार रात्रिभोज की सबसे उल्लेखनीय तस्वीर अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र के दिग्गजों की मौजूदगी रही। ट्रंप और शी के साथ टिम कुक, जेन्सेन हुआंग, एलन मस्क और लिसा सु जैसे कारोबारी नेताओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया। एनवीडिया और एएमडी जैसी कंपनियां उन्नत कंप्यूटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े वैश्विक तकनीकी ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जबकि एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियों का चीन के साथ लंबे समय से व्यापक कारोबारी संबंध रहा है।
ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन और सह-संस्थापक ग्रेग ब्रॉकमैन की मौजूदगी भी खास रही। वहीं मेटा के मार्क जुकरबर्ग, गूगल के सुंदर पिचाई और अमेजन के जेफ बेजोस ने अमेरिका के डिजिटल और तकनीकी उद्योग के प्रतिनिधित्व को और व्यापक बनाया। हालांकि, एंथ्रोपिक का नाम मेहमानों की सूची में नहीं था।
चीन की तरफ से सरकार के शीर्ष अधिकारी
चीनी प्रतिनिधिमंडल में कारोबारियों की तुलना में सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी अधिक रही। शी जिनपिंग के साथ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो स्थायी समिति के सदस्य और उनके चीफ ऑफ स्टाफ काई छी, केंद्रीय विदेश मामलों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी वांग यी, उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग, राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग के अध्यक्ष झेंग शानजी और वाणिज्य मंत्री वांग वेंटाओ शामिल रहे।
अमेरिका में चीन के राजदूत श्ये फेंग और विदेश मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी रात्रिभोज में मौजूद थे। वित्त मंत्री लान फोआन का नाम भी सूची में शामिल था। इस तरह चीन की तरफ से प्रतिनिधित्व मुख्य रूप से राजनीतिक, आर्थिक और विदेश नीति से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों का रहा।
सिर्फ डिनर नहीं, रिश्तों की दिशा का संकेत
रात्रिभोज ऐसे समय हुआ जब दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार, तकनीक, आपूर्ति श्रृंखला और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार महत्वपूर्ण मुद्दे बने हुए हैं। ऐसे में एक ही कार्यक्रम में अमेरिकी प्रशासन और उद्योग जगत के शीर्ष लोगों की मौजूदगी इस मुलाकात के व्यापक आर्थिक संदर्भ को रेखांकित करती है।
सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार टोस्ट के दौरान शी ने कहा कि ट्रंप के साथ बातचीत ने अमेरिका-चीन संबंधों में नई दिशा और नया आधार जोड़ा है। उन्होंने दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में हुई बातचीत का उल्लेख किया।
ट्रंप ने शी को बाल्ड ईगल की एक प्रतिमा भी भेंट की। अमेरिका में बाल्ड ईगल राष्ट्रीय प्रतीक है और इस उपहार ने दोनों नेताओं की मुलाकात के औपचारिक और प्रतीकात्मक पक्ष को भी सामने रखा।
एआई से लेकर सेमीकंडक्टर तक, कारोबार का बड़ा दांव
मेहमानों की सूची पर नजर डालें तो कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, डिजिटल प्लेटफॉर्म और उन्नत विनिर्माण से जुड़े उद्योगों की मजबूत मौजूदगी दिखाई देती है। एनवीडिया, एएमडी, माइक्रॉन और क्वालकॉम जैसे चिप उद्योग के नेताओं के साथ ओपनएआई, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, अमेजन और मेटा के प्रमुख अधिकारियों की मौजूदगी इस बात की ओर ध्यान खींचती है कि तकनीकी क्षेत्र अमेरिका-चीन संबंधों का कितना अहम हिस्सा बन चुका है।
इसके अलावा बोइंग, लॉकहीड मार्टिन, जनरल मोटर्स, एक्सॉनमोबिल और फाइजर जैसी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी ने सूची को केवल प्रौद्योगिकी तक सीमित नहीं रहने दिया। वित्तीय क्षेत्र से ब्लैकस्टोन, ब्लैकरॉक, जेपी मॉर्गन, गोल्डमैन सैक्स और सिटी के शीर्ष अधिकारी भी शामिल हुए।
अमेरिकी सत्ता प्रतिष्ठान की भी व्यापक मौजूदगी
रात्रिभोज में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट, वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ, राष्ट्रीय खुफिया से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी और अन्य शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे।अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स तथा न्यायाधीश एमी कोनी बैरेट और ब्रेट कावानॉ भी सूची में शामिल थे।प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन और कांग्रेस के अन्य सदस्य भी कार्यक्रम का हिस्सा बने।
ट्रंप परिवार की भी मौजूदगी
रात्रिभोज में ट्रंप परिवार के कई सदस्य शामिल हुए। इवांका ट्रंप, एरिक ट्रंप, लारा ट्रंप, टिफनी ट्रंप, माइकल बोलोस, ट्रंप की बेटी इवांका की बेटी अरबेला कुशनर और मेलानिया ट्रंप के पिता विक्टर नाउस भी सूची में थे।चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी पत्नी पेंग लियुआन भी मौजूद थीं। दोनों देशों के राष्ट्रपति दंपतियों के साथ प्रमुख कारोबारी हस्तियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को राजनीतिक और कारोबारी दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण बना दिया।
चीन के कारोबारी प्रतिनिधियों की गैरमौजूदगी भी चर्चा में
सीएनबीसी के मुताबिक, इससे पहले चीनी कारोबारी नेताओं के रात्रिभोज में शामिल होने की उम्मीद जताई गई थी। हालांकि, तैयारियों से परिचित एक ऐसे व्यक्ति ने, जिसे सार्वजनिक रूप से बोलने की अनुमति नहीं थी, बताया था कि उसे शी की अमेरिका यात्रा में उनके साथ किसी चीनी कंपनी को आमंत्रित किए जाने की जानकारी नहीं थी।
इस लिहाज से अमेरिकी और चीनी पक्ष की मेहमान सूची में एक अंतर भी दिखाई देता है। अमेरिकी तरफ जहां बड़े कारोबारी और तकनीकी नेताओं की बड़ी संख्या मौजूद रही, वहीं चीनी प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से सरकार और पार्टी के वरिष्ठ अधिकारी दिखाई दिए।
एक दशक से ज्यादा बाद शी की अमेरिका यात्रा
शी जिनपिंग की यह एक दशक से अधिक समय बाद पहली राजकीय अमेरिका यात्रा है। वह बुधवार को अमेरिका पहुंचे और शुक्रवार को रवाना होने वाले हैं। ऐसे में राजकीय रात्रिभोज दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
पूरी मेहमान सूची में अमेरिकी प्रशासन, कारोबार, तकनीक, वित्त, रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य और मीडिया से जुड़े 100 से अधिक लोग शामिल थे।
इससे यह स्पष्ट होता है कि ट्रंप-शी मुलाकात का दायरा केवल राष्ट्रपति स्तर की कूटनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों से जुड़े व्यापक हितधारक भी इसके आसपास मौजूद थे।