पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इस्राइल के बीच जारी टकराव जल्द थमने के संकेत नहीं हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने ताजा घटनाक्रम में कहा है कि 48 घंटे में अगर ईरान किसी समझौते के लिए तैयार नहीं होता है और होर्मुज क्षेत्र में जहाजों की मुक्त और सुरक्षित आवाजाही पर बना हुआ गतिरोध दूर नहीं होता है तो अंजाम बहुत बुरा होगा। इससे पहले ईरान के विदेश मंत्री ने शांति वार्ता को लेकर एक बयान में कहा कि उन्होंने कभी पाकिस्तान जाने से इनकार नहीं किया, लेकिन ईरान अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा। ईरान को लेकर ट्रंप ने अपने सबसे ताजा बयान में क्या कुछ कहा है? बीते एक महीने से अधिक समय से जारी जंग किस दिशा में जा रही है? इस खबर में जानिए ऐसे सवालों के जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों में ईरान में जारी जंग का जिक्र
दरअसल, शनिवार शाम करीब सात और साढ़े सात बजे के बीच (भारतीय समयानुसार) ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखे दो अलग-अलग बयानों में ईरान में जारी युद्ध का जिक्र किया। उन्होंने पहले पोस्ट में लिखा, 'कल जारी किए गए 1,78,000 नई नौकरियों के आंकड़े जबरदस्त हैं। व्यापार घाटा भी 55% कम हो गया, जो इतिहास में सबसे बड़ी गिरावट है।'
परमाणु-संपन्न ईरान से खतरा
अमेरिका की तरफ से लगाए जा रहे टैरिफ को अपना पसंदीदा शब्द बता चुके ट्रंप ने अपने इस पोस्ट में इसका भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा, 'धन्यवाद, मिस्टर टैरिफ़!... एक परमाणु-संपन्न ईरान के कारण पैदा होने वाले खतरे को भी मिटाया जा रहा है।' ट्रंप ने अपने इस पोस्ट के अंत में रिपब्लिकन पार्टी के चुनावी नारे- मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (MAGA) का भी जिक्र किया।
10 दिन का समय दिया था, समय तेजी से निकल रहा है
इसके करीब आधे घंटे बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक और ट्रुथ सोशल पोस्ट लिखा। इसमें उन्होंने ईरान को खुली धमकी दी। ट्रंप ने इस पोस्ट में लिखा, 'याद रहे कि मैंने ईरान को 'कोई समझौता करने' या 'होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने' के लिए 10 दिन का समय दिया था। अब समय तेजी से निकलता जा रहा है।'
ये भी पढ़ें- अमेरिकी मीडिया पर बरसे ईरानी विदेश मंत्री अराघची: PAK का जताया आभार, कहा- वार्ता को तैयार पर शर्त मंजूर नहीं
ट्रंप की धमकी में क्या, ईरानी विदेश मंत्री मंत्री क्यों भड़के?
ट्रंप ने इस संदेश के अंतिम हिस्से में लिखा,'सिर्फ़ 48 घंटे बचे हैं, इसके बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा। ईश्वर की महिमा महान है!' मालूम हो कि ट्रंप के इस बयान से पहले ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी मीडिया को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर जारी एक बयान में लिखा, 'अमेरिकी मीडिया ईरान के रुख को गलत तरीके से पेश कर रहा है।'
ये भी पढ़ें- ईरान में जंग रोकने के प्रयास कितने गंभीर?: शांति वार्ता बेपटरी होने की अटकलें, US के साथ बात पर क्या बोला PAK?
ईरान को अमेरिका और इस्राइल के इरादों पर शक
उन्होंने अमेरिका और इस्राइल के इरादों पर सवालिया निशान भी लगाए। बकौल अराघची, इस्राइल और अमेरिका ने हमारे बुशेहर प्लांट पर अब तक चार बार बमबारी की है। हमारे पेट्रोकेमिकल संयंत्रों पर हमले भी उनके असली इरादों को दिखाते हैं।'
संबंधित वीडियो