अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अगले महीने व्हाइट हाउस छोड़ना तय हो चुका है लेकिन अपनी जिद पर अड़े ट्रंप ने देश के 740 अरब डॉलर के रक्षा नीति विधेयक पर वीटो लगा दिया। अब संसद के निचले सदन में डेमोक्रेटिक दबदबे वाली प्रतिनिधि सभा ने राष्ट्रपति के वीटो को निरस्त करने के लिए मतदान करके उन्हें एक बड़ा झटका दिया है।
प्रतिनिधि सभा के सदस्यों ने 82 के मुकाबले 322 मतों से राष्ट्रपति का विधेयक पर लगाया गया वीटो निष्प्रभावी कर दिया। यदि इस विधेयक को सीनेट (उच्च सदन) में भी दो तिहाई बहुमत मिल जाता है तो ट्रंप के राष्ट्रपति रहते हुए निरस्त होने वाला यह पहला विधेयक होगा।
ट्रंप ने पिछले हफ्ते यह कहकर रक्षा विधेयक को खारिज किया था कि यह सोशल मीडिया कंपनियों पर लगाम लगाने में नाकाम है। रक्षा विधेयक ‘नेशनल डिफेंस ऑथोराइजेशन एक्ट’ (एनडीएए) में अमेरिकी सुरक्षा बलों के वेतन में तीन प्रतिशत की वृद्धि और सैन्य कार्यक्रमों एवं निर्माण में 740 अरब डॉलर से अधिक के खर्च का प्रावधान है। निचले सदन की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी ने कहा, 'इस वीटो से हमारे सैनिकों को नुकसान होगा और हमारी सुरक्षा को खतरा पहुंचेगा।'
ट्रंप के वीटो की आलोचना
सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के अध्यक्ष जिम इनहॉफ ने कहा कि यह विधेयक राष्ट्रीय सुरक्षा और सैनिकों के लिए निश्चित रूप से अहम है। सीनेट की सशस्त्र सेवा समिति के सदस्य एवं डेमोक्रेटिक नेता जैक रीड ने ट्रंप के उस दावे को भी खारिज किया कि इस विधेयक से चीन को फायदा मिलेगा। बता दें कि अपने कार्यकाल के दौरान ट्रंप ने पहली बार किसी बिल पर ओवरराइड वोट का इस्तेमाल किया था।
चीन के विरुद्ध भारत के समर्थन का भी जिक्र
इस बिल में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की बढ़ती आक्रामकता का भी जिक्र है। भारतीय अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने इससे जुड़ा एक प्रस्ताव पेश किया था। इसके मुताबिक चीन भारत की सीमा में घुसने या इससे छेड़छाड़ की कोशिश न करें। संसद ने बिल पास करते हुए राजा कृष्णमूर्ति के प्रस्ताव को भी शामिल किया था।
प्रतिनिधि सभा में कोविड-19 राहत राशि बढ़ाने को दी मंजूरी
अमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांग के अनुरूप कोविड-19 के असर से निपटने के लिए राहत राशि को बढ़ाकर 2,000 डॉलर किए जाने को मंजूरी दे दी है और इससे संबंधित विधेयक को सीनेट में भेज दिया है। प्रतिनिधि सभा ने 134 के मुकाबले 275 मतों से इस विधेयक को मंजूरी दी।
प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों की संख्या अधिक है, जबकि सीनेट में रिपब्लिकन सांसद अधिक हैं। इससे पहले, कोविड-19 राहत पैकेज में प्रति व्यक्ति 600 डॉलर दिए जाने का प्रावधान किया गया था।