अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें बुधवार को एक फोन कॉल में बहुत सख्त तरीके से कहा कि रूस, यूक्रेन के द्वारा किए गए हालिया ड्रोन हमले का जवाब देगा।' ट्रंप ने सोशल मीडिया पर इस बारे में जानकारी दी। हालांकि बाद में ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर से इस पोस्ट को डिलीट कर दिया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें साफ शब्दों में कहा है कि रूस, यूक्रेन के हालिया ड्रोन हमले का जवाब जरूर देगा। यह बातचीत बुधवार को फोन पर हुई, जो करीब 1 घंटे 15 मिनट तक चली। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट करके इस बातचीत की जानकारी दी। हालांकि बाद में ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर से इस पोस्ट को डिलीट कर दिया है।
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यूक्रेनी ड्रोन हमला और रूस की चेतावनी
ट्रंप के मुताबिक, पुतिन ने यूक्रेन की तरफ से रूसी एयरफील्ड्स (हवाई अड्डों) पर किए गए ड्रोन हमले का जिक्र किया और कहा कि इस हमले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुतिन ने यह बात बहुत दृढ़ता से कही कि रूस इस पर कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने लिखा, 'हमने यूक्रेन की तरफ से रूस के डॉक्स में खड़े विमानों पर किए गए हमले और दोनों पक्षों द्वारा चल रहे अन्य हमलों पर चर्चा की। यह एक अच्छा संवाद था, लेकिन इससे तात्कालिक शांति की उम्मीद नहीं की जा सकती।'
शांति नहीं, लेकिन संपर्क बना- ट्रंप
हालांकि डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी स्वीकार किया कि यह बातचीत शांति की ओर कोई ठोस कदम नहीं है, लेकिन दोनों देशों के बीच संपर्क बनाए रखना जरूरी है। यह बातचीत 19 मई के बाद ट्रंप और पुतिन के बीच पहली बार हुई है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा
इस फोन कॉल के दौरान ट्रंप और पुतिन ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी गंभीर बातचीत की। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने पुतिन से कहा कि ईरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार नहीं बनाने दिए जाने चाहिए, और इस मुद्दे पर दोनों नेताओं के बीच सहमति दिखी। ट्रंप ने लिखा, 'मैंने राष्ट्रपति पुतिन से कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना सकता, और मुझे लगता है कि इस मुद्दे पर हमारी राय एक जैसी है।' ट्रंप के अनुसार, पुतिन ने यह भी संकेत दिया कि वे ईरान के साथ हो रही बातचीत में हिस्सा लेने को तैयार हैं और इस मुद्दे को जल्दी हल करने में मदद कर सकते हैं।
ट्रंप ने ईरान पर लगाया आरोप
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान जानबूझकर इस मुद्दे पर फैसला लेने में देरी कर रहा है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि ईरान को इस विषय पर स्पष्ट और अंतिम निर्णय लेना होगा। 'यह मेरा मानना है कि ईरान जानबूझकर फैसले को टाल रहा है, लेकिन अब इस अहम मुद्दे पर हमें जल्द ही एक निश्चित जवाब चाहिए।'