जापान के ओसाका में हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मुलाकात हो सकती है। इसी पर पूछे गए एक सवाल पर ट्रंप ने पत्रकारों को फटकार लगा दी। उन्होंने कहा, "मेरी उनसे (पुतिन) अच्छी बातचीत होगी। मैं उनसे क्या कहूंगा इससे आपको क्या मतलब।"
रूस के साथ संबंधों को लेकर अकसर ट्रंप की आलोचना होती रहती है। ट्रंप पर 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में भी रूसी मदद लेने का आरोप लगा था। उन्होंने हाल ही में कहा था कि वह 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार के बारे में किसी विदेशी सरकार से सूचना स्वीकार करना चाहेंगे।
इस मामले में अमेरिका के विशेष अधिवक्ता रॉबर्ट मूलर ने 22 महीने तक जांच की है। वह रूसी दखल वाली रिपोर्ट पर अपनी गवाही देने के लिए भी तैयार हो गए हैं। 17 जुलाई को वह पहले जनता के सामने अपनी बात रखेंगे और फिर हाउस ज्यूडिशियरी एंड इंटेलिजेंस कमेटी के सामने पेश होंगे।
क्या लिखा है रिपोर्ट में?
ये रिपोर्ट 448 पेज की है। जिसमें 74 साल के मूलर ने लिखा है, "रूस की सेना के अधिकारियों ने डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की थी।" ये रिपोर्ट 18 अप्रैल को कानून मंत्रालय को सौंपी गई थी। हालांकि उन्होंने रिपोर्ट में ये भी लिखा है कि रूसी दखल के मामले में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले हैं।
इस रिपोर्ट में लिखा है कि ट्रंप ने रूसी दखल की जांच को नियंत्रित करने की कोशिश की है। ट्रंप ने मूलर को हटाने की कोशिश भी की। मूलर 2016 को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूसी दखल की जांच कर रहे थे और न्याय विभाग में पदस्थ थे। उन्होंने इस पद से मई के आखिर में इस्तीफा दे दिया था।
ट्रंप ने इसपर क्या कहा था?
इस जांच पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ये गैर-जरूरी है और उन्हें सत्ता से बेदखल करने की महज साजिश है। वहीं व्हाइट हाउस की प्रवक्ता सारा सैंडर्स ने भी कहा था कि रिपोर्ट से ये साफ है कि चुनाव के दौरान कोई साजिश नहीं हुई। वहीं कानून मंत्रालय ने भी ये बात स्वीकार की थी कि जांच को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की गई थी।