इसमें कहा गया है कि मेमोरियल ब्रिज और उसके आसपास का पूरा इलाका इस तरह बनाया गया था कि पोटोमैक नदी के ऊपर बने स्मारकों की एक योजना के जरिये अमेरिका के उत्तर और दक्षिण हिस्सों को शारीरिक और प्रतीकात्मक रूप से जोड़ा जा सके।
ट्रंप की परियोजना के लिए क्यों बढ़ी मुश्किल?
यह रिपोर्ट ट्रंप की इस परियोजना के लिए एक बड़ी रुकावट बन गई है। इससे पहले यह परियोजना कई मंजूरी प्रक्रियाओं से आसानी से आगे बढ़ रही थी। इन मंजूरी देने वाले योजना बोर्डों में ट्रंप की ओर से नियुक्त अधिकारी और उनके समर्थक शामिल थे।
यह प्रस्तावित मेहराब उन कई परियोजनाओं में से एक है, जिनके जरिये राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वॉशिंगटन शहर पर अपनी स्थायी छाप छोड़ना चाहते हैं। इस मेहराब से शहर का नजारा और पहचान बदलने की संभावना को देखते हुए इसका विरोध शुरू हो गया है। पूर्व सैनिकों के एक समूह और एक इतिहासकार ने इसके खिलाफ मुकदमा भी दायर किया है।
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मंजूरी के बाद भी क्यों फंसा है मामला?
ट्रंप की ओर से बनाए जाने वाले इस मेहराब के डिजाइन को अमेरिकी कला आयोजग से शुरुआती मंजूरी मिल चुकी है। इस आयोग के सभी सदस्यों की नियुक्ति ट्रंप ने की थी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना आयोग ने जुलाई में हुई बैठक में इस जगह और शुरुआती योजना को मंजूरी दी थी। अब सितंबर की बैठक में यह आयोग इस मामले पर फिर से चर्चा करेगा।