पिछले दिनों अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने कहा था कि अमेरिकी जासूसी एजेंसियों का मानना है कि ईरान परमाणु हथियारों पर काम नहीं कर रहा है। ट्रंप ने गबार्ड के इस बयान को खारिज कर दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड के बयान को खारिज किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के परमाणु हथियार न बनाने के बारे में उनकी राय गलत थी। उन्होंने कहा कि युद्धविराम के लिए ईरान पर इस्राइल के हमलों को रोकना बहुत कठिन होगा। तुलसी गबार्ड ने कहा था कि अमेरिकी जासूसी एजेंसियों का मानना है कि ईरान परमाणु हथियारों पर काम नहीं कर रहा है।
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इसे लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने जवाब दिया कि मेरा खुफिया समुदाय गलत है। खुफिया समुदाय में किसने ऐसा कहा? जब ट्रंप को बताया गया कि गबार्ड ने ऐसा कहा था तो वे बोले कि वह गलत हैं।
ट्रंप ने इस बात पर संदेह जताया कि बातचीत से इस्राइल और ईरान के बीच लड़ाई रुक सकती है। भले ही वे युद्ध विराम का समर्थन करते हों, लेकिन ईरान पर इस्राइल के हमलों को रोकना बहुत मुश्किल हो सकता है। ईरान के इस्राइली हमलों को रोकने में अमेरिका के हस्तक्षेप करने की अपील के बारे में ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि अभी यह अनुरोध करना बहुत कठिन है।
ट्रंप ने कहा कि अगर कोई जीत रहा है, तो ऐसा करना किसी के हारने की तुलना में थोड़ा कठिन है। लेकिन हम तैयार, इच्छुक और सक्षम हैं और हम ईरान से बात कर रहे हैं और हम देखेंगे कि क्या होता है? ट्रंप ने कहा कि युद्ध के मामले में इस्राइल अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। मुझे लगता है आप कहेंगे कि ईरान कम अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। किसी को रोकना थोड़ा मुश्किल है।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में ट्रंप कहा कि ऐसा लगता है कि जो सामग्री उन्होंने पहले ही एकत्र कर ली है, उसके बारे में मैं सही हूं। यह बहुत बड़ी मात्रा में है। ट्रंप ने बिजली उत्पादन जैसे नागरिक उद्देश्यों के लिए ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर शंका भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आप दुनिया में सबसे बड़े तेल के ढेरों में से एक पर बैठे हैं। यह समझना थोड़ा मुश्किल है कि आपको परमाणु कार्यक्रम की जरूरत क्यों है?
मैं राष्ट्रपति ट्रंप से सहमत: गबार्ड
राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद गबार्ड ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि उनके बयान को गलत रूप से पेश किया गया। अमेरिका के पास खुफिया जानकारी है कि ईरान इस स्थिति में है कि अगर वे असेंबली को अंतिम रूप देने का फैसला करते हैं तो वे कुछ हफ्तों या महीनों के भीतर परमाणु हथियार बना सकते हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसा नहीं हो सकता है और मैं इससे सहमत हूं।