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पत्रकार पर भड़के ट्रंप: टॉमस के आरोप पर सवाल सुनकर बोले- हमलावर मानसिक रोगी, उसकी बात पढ़ने पर शर्म आनी चाहिए

Mon, 27 Apr 2026 09:49 AM IST
Riya Dubey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक टीवी इंटरव्यू में उस समय भड़क गए, जब पत्रकार ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर शूटिंग के आरोपी के कथित मैनिफेस्टो का जिक्र किया। ट्रंप ने दस्तावेज में लगाए गए आरोपों को झूठा बताते हुए पत्रकार पर तीखा हमला बोला। आइए विस्तार से जानते हैं।
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क्यों भड़के ट्रंप? - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक टीवी इंटरव्यू के दौरान पत्रकार से तीखा विवाद हो गया। यह टकराव उस समय हुआ जब उनसे वाशिंगटन हिल्टन में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई गोलीबारी और आरोपी कोल टॉमस एलन के कथित घोषणापत्र (मैनिफेस्टो) को लेकर सवाल पूछा गया।

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इंटरव्यू के दौरान पत्रकार नोराह ओ'डोनेल ने संदिग्ध हमलावर द्वारा कथित रूप से लिखे गए दस्तावेज के कुछ अंश पढ़कर सुनाए। दस्तावेज में प्रशासनिक अधिकारियों को निशाना बताए जाने का दावा किया गया था। साथ ही उसमें 'बाल यौन शोषण करने वाला, दुष्कर्मी और देशद्रोही' जैसे शब्द भी लिखे होने की बात कही गई।

इस पर ट्रंप नाराज हो गए और उन्होंने पत्रकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मैं इंतजार कर रहा था कि आप यह पढ़ें, क्योंकि आप लोग बहुत खराब हैं। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मैं दुष्कर्मी नहीं हूं... मैंने किसी के साथ ऐसा कुछ नहीं किया।
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जब उनसे पूछा गया कि क्या दस्तावेज में लिखी बातें उनके लिए थीं, तो ट्रंप ने बीच में रोकते हुए कहा, मैं बच्चों का यौन शोषण करने वाला नहीं हूं... आप किसी मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की लिखी बात पढ़ रही हैं? मुझे पूरी तरह निर्दोष साबित किया जा चुका है।

इंटरव्यू के दौरान बढ़ा तनाव

बातचीत तेजी से गरमा गई। ट्रंप ने पत्रकार पर आरोप लगाया कि वह एक खराब मानसिक संतुलन वाले व्यक्ति के शब्दों को मंच दे रही हैं। उन्होंने इस तरह के सवालों को शर्मनाक बताया। साथ ही कहा कि जांच एजेंसियां हमलावर के मकसद की पड़ताल कर रही हैं, लेकिन ऐसे दस्तावेजों को सार्वजनिक मंच नहीं दिया जाना चाहिए।

होटल में कई दिनों से रुका था आरोपी

अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध व्यक्ति वाशिंगटन हिल्टन  में कई दिनों से ठहरा हुआ था और उसने कार्यक्रम स्थल की पहले से रेकी की थी। उसके पास से मिले नोट्स में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे, जिनमें निगरानी और हथियारबंद सुरक्षा की कमी का उल्लेख बताया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसका निशाना प्रशासन के वरिष्ठ सदस्य हो सकते थे, जिससे बड़े हमले या हत्या की साजिश की आशंका भी जताई गई।

कार्यक्रम में मची अफरा-तफरी

गोलीबारी की खबर मिलते ही कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। उस समय हॉल में सैकड़ों राजनीतिक हस्तियां, पत्रकार और मेहमान मौजूद थे। यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने तुरंत ट्रंप को मंच से हटाया, जबकि कई लोग टेबलों के नीचे छिप गए। कुछ ही देर बाद आरोपी को संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।

ट्रंप बोले- मुझे डर नहीं लगा

बाद में ट्रंप ने कहा कि मैं चिंतित नहीं था। हम एक पागलपन भरी दुनिया में जी रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह तुरंत बाहर जाने के बजाय यह देखना चाहते थे कि आखिर हुआ क्या है। ट्रंप ने माना कि इससे सुरक्षा एजेंसियों को उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने में थोड़ी देरी हुई।

इंटरनेट कट्टरता पर भी बोले ट्रंप

हमलावर को मानसिक रूप से बीमार बताते हुए ट्रंप ने कहा कि इंटरनेट और ऑनलाइन कट्टरता ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने दावा किया कि संदिग्ध व्यक्ति ट्रंप विरोधी और ईसाई विरोधी विचार रखता था।

कार्यक्रम से पहले हुआ था विरोध प्रदर्शन

घटना से एक दिन पहले वाशिंगटन डीसी में ट्रंप विरोधी प्रदर्शन भी हुआ था। वाशिंगटन हिल्टन की इमारत पर ट्रंप और जेफरी एप्सटीन के पुराने फुटेज प्रोजेक्ट किए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के आंशिक और संपादित रूप में जारी किए जाने पर सवाल उठाते हुए कथित कवर-अप का आरोप लगाया।

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