अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक टीवी इंटरव्यू के दौरान पत्रकार से तीखा विवाद हो गया। यह टकराव उस समय हुआ जब उनसे वाशिंगटन हिल्टन में आयोजित व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई गोलीबारी और आरोपी कोल टॉमस एलन के कथित घोषणापत्र (मैनिफेस्टो) को लेकर सवाल पूछा गया।
बातचीत तेजी से गरमा गई। ट्रंप ने पत्रकार पर आरोप लगाया कि वह एक खराब मानसिक संतुलन वाले व्यक्ति के शब्दों को मंच दे रही हैं। उन्होंने इस तरह के सवालों को शर्मनाक बताया। साथ ही कहा कि जांच एजेंसियां हमलावर के मकसद की पड़ताल कर रही हैं, लेकिन ऐसे दस्तावेजों को सार्वजनिक मंच नहीं दिया जाना चाहिए।
अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध व्यक्ति वाशिंगटन हिल्टन में कई दिनों से ठहरा हुआ था और उसने कार्यक्रम स्थल की पहले से रेकी की थी। उसके पास से मिले नोट्स में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे, जिनमें निगरानी और हथियारबंद सुरक्षा की कमी का उल्लेख बताया गया। जांच एजेंसियों का मानना है कि उसका निशाना प्रशासन के वरिष्ठ सदस्य हो सकते थे, जिससे बड़े हमले या हत्या की साजिश की आशंका भी जताई गई।
गोलीबारी की खबर मिलते ही कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। उस समय हॉल में सैकड़ों राजनीतिक हस्तियां, पत्रकार और मेहमान मौजूद थे। यूनाइटेड स्टेट्स सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने तुरंत ट्रंप को मंच से हटाया, जबकि कई लोग टेबलों के नीचे छिप गए। कुछ ही देर बाद आरोपी को संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया।
बाद में ट्रंप ने कहा कि मैं चिंतित नहीं था। हम एक पागलपन भरी दुनिया में जी रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह तुरंत बाहर जाने के बजाय यह देखना चाहते थे कि आखिर हुआ क्या है। ट्रंप ने माना कि इससे सुरक्षा एजेंसियों को उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने में थोड़ी देरी हुई।
हमलावर को मानसिक रूप से बीमार बताते हुए ट्रंप ने कहा कि इंटरनेट और ऑनलाइन कट्टरता ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने दावा किया कि संदिग्ध व्यक्ति ट्रंप विरोधी और ईसाई विरोधी विचार रखता था।
घटना से एक दिन पहले वाशिंगटन डीसी में ट्रंप विरोधी प्रदर्शन भी हुआ था। वाशिंगटन हिल्टन की इमारत पर ट्रंप और जेफरी एप्सटीन के पुराने फुटेज प्रोजेक्ट किए गए थे। प्रदर्शनकारियों ने एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों के आंशिक और संपादित रूप में जारी किए जाने पर सवाल उठाते हुए कथित कवर-अप का आरोप लगाया।