US: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यौन शोषण और मानहानि मामले में एक लेखिका को 8.3 करोड़ डॉलर का हर्जाना देने के अदालत के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। ट्रंप चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी होने तक भुगतान टाल दिया जाए। लेखिका ने ट्रंप पर 1996 में यौन शोषण और बाद में बदनाम करने का आरोप लगाया था, जिसे अदालत पहले सही मान चुकी है। पढ़िए रिपोर्ट-
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेखिका ई जीन कैरोल को 8.3 करोड़ डॉलर देने के अदालत के आदेश पर रोक लगाने की मांग की है। ट्रंप के वकील ने न्यूयॉर्क की एक अपील कोर्ट में कहा कि सुप्रीम कोर्ट में अपील पूरी होने तक यह रकम न दिलाई जाए। यह मामला यौन शोषण और मानहानि से जुड़ा है। कैरोल ने आरोप लगाया था कि 1996 में न्यूयॉर्क के एक स्टोर के कपड़े बदलने वाले कक्ष में ट्रंप ने उनका यौन शोषण किया था।
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लेखिका ने किताब में किया घटना का जिक्र
कैरोल ने 2019 में एक किताब में इस घटना का जिक्र किया। इसके बाद ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से आरोपों को झूठा बताया। कैरोल ने कहा कि ट्रंप के बयानों से उनकी छवि खराब हुई। इसके बाद उन्होंने ट्रंप के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया।
जूरी ने माना था ट्रंप ने किया यौन शोषण
मई 2023 में एक जूरी ने माना कि ट्रंप ने कैरोल का यौन शोषण किया और बाद में उनकी मानहानि भी की। तब कोर्ट ने कैरोल को 50 लाख डॉलर देने का आदेश दिया था। इसके बाद जनवरी 2024 में एक दूसरी जूरी ने मानहानि मामले में कैरोल को 8.3 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त मुआवजा देने का फैसला सुनाया।
आरोपों पर राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि वह कैरोल को जानते तक नहीं थे और यह मामला राजनीतिक कारणों से खड़ा किया गया है। अब ट्रंप के वकील जस्टिन डी स्मिथ ने कोर्ट से कहा है कि अगर अभी भुगतान कराया गया तो बाद में पैसे वापस लेना मुश्किल होगा।
ट्रंप के वकील ने क्या दलील दी?
वकील ने दलील दी कि कैरोल सार्वजनिक रूप से कह चुकी हैं कि वह यह रकम दान कर देंगी। ट्रंप की कानूनी टीम का यह भी कहना है कि राष्ट्रपति रहते हुए दिए गए बयानों को लेकर उन्हें कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए। वहीं, कैरोल की ओर से कहा गया है कि अगर रोक लगानी है तो ट्रंप को जमानत राशि में 74 लाख डॉलर और जमा कराने होंगे, ताकि ब्याज की रकम सुरक्षित रहे।