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ईरान पर दबाव बढ़ाएगा अमेरिका?: होर्मुज के लिए ट्रंप ने बनाई नई रणनीति; जर्मन चांसलर पर फिर साधा निशाना

Thu, 30 Apr 2026 08:06 PM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन डीसी।

सार

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण को खत्म करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नई रणनीति पेश की है। इसके अलावा, ट्रंप ने एक बार फिर जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पर तंज कसते हुए उन्हें अपने 'टूटे हुए देश' पर ध्यान देने को कहा है। पढ़िए रिपोर्ट-
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया प्रस्ताव सामने रखा है, जिसमें कहा गया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने  यह जानकारी दी।
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ट्रंप के नए प्लान में क्या है?
समाचार एजेंसी एसोसिटेड प्रेस (एपी) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना के तहत अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर अपनी नाकाबंदी जारी रखेगा। साथ ही वह अपने सहयोगी देशों के साथ मिलकर ईरान पर और दबाव बढ़ाने की कोशिश करेगा, ताकि वह ऊर्जा के मुक्त प्रवाह में बाधा डालने की कोशिशों की कीमत चुकाए।

होर्मुज पर ईरान का नियंत्रण खत्म करना मकसद
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया कि ट्रंप कई तरह के कूटनीतिक और नीतिगत विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिनका मकसद ईरान को इस अहम जलमार्ग पर अपना प्रभाव या नियंत्रण खत्म करने के लिए मजबूर करना है। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी, क्योंकि उन्हें सार्वजनिक रूप से बात करने की अनुमति नहीं थी।
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ट्रंप ने जर्मन चांसलर पर कसा तंज
राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर से जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि मर्ज को ईरान युद्ध की चिंता करने के बजाय अपने 'टूटे हुए देश' को ठीक करने पर ध्यान देना चाहिए। ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पर लिखा कि मर्ज को रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने और अपने देश की समस्याओं, खासकर आव्रजन और ऊर्जा से जुड़ी दिक्कतों को सुधारने में ज्यादा समय देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मर्ज को ईरान के मुद्दे में कम दखल देना चाहिए।

मर्ज लगातार कर रहे युद्ध की आलोचना
यह बयान उस समय आया है, जब मर्ज लगातार ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्राइल के युद्ध की आलोचना कर रहे हैं। इससे एक दिन पहले ट्रंप ने जर्मनी में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी की समीक्षा करने की बात भी कही थी। ट्रंप ने फिर से यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सेना कम कर सकता है, जो नाटो का अहम सहयोगी है और यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी है। इससे पहले भी यूरोपीय देशों को ऐसी चेतावनियां मिलती रही हैं।

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यह विवाद तब बढ़ा जब मर्ज ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत में अमेरिका को 'अपमान' झेलना पड़ रहा है। ट्रंप पहले भी कई बार कह चुके हैं कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सैन्य मौजूदगी घटा सकता है। ट्रंप नाटो के सहयोगियों की आलोचना कर चुके हैं कि वे अमेरिका की मदद नहीं कर रहे। नाटो के देशों को काफी समय से इस बात का डर है कि ट्रंप सरकार यूरोप से सेना हटा सकती है, जिससे भविष्य में यूरोप और यूक्रेन की सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद यूरोपीय देशों को उठानी पड़ सकती है।



 
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