फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ईरान से बातचीत के बीच ट्रंप का बड़ा एलान: मध्यावधि चुनाव तक हमला नहीं करेगा अमेरिका; होर्मुज में खतरा क्यों?

Thu, 08 Oct 2026 10:38 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ उत्पादक बातचीत कर रहा है और 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले उस पर हमला नहीं करेगा। दूसरी ओर, होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हमलों और धमकियों का खतरा बढ़ रहा है। ईरान नए तेल मार्गों को भी शत्रुतापूर्ण कदम मानने की चेतावनी दे चुका है। तो क्या बातचीत के बावजूद होर्मुज में तनाव और बढ़ सकता है?

विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ उत्पादक बातचीत कर रहा है। 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा खतरा बढ़ रहा है।

विज्ञापन


ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि दोनों देशों के बीच किन मुद्दों पर चर्चा हो रही है। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले किसी भी समय ईरान पर हमला नहीं करेगा। ट्रंप ने साथ ही कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान आर्थिक और सैन्य रूप से बेहद खराब स्थिति में है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में खतरा क्यों बढ़ रहा है?
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह उन समुद्री रास्तों को बंद कर सकता है, जिन्हें उसने मंजूरी नहीं दी है। इसके कारण तेल टैंकरों पर हमले और उन्हें डराने-धमकाने का खतरा बढ़ गया है। पिछले सप्ताह ईरान युद्ध शुरू होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों पर हमलों की संख्या सबसे ज्यादा रही। इसी दौरान इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या दो महीने से अधिक समय के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई।
विज्ञापन


ईरान ने तेल के दूसरे रास्तों को लेकर क्या चेतावनी दी?
ईरान ने क्षेत्र के देशों को चेतावनी दी है कि तेल निर्यात के लिए नए समुद्री रास्ते बनाने की कोशिश को वह शत्रुतापूर्ण कदम मानेगा। उसके राजनीतिक नेतृत्व और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की ओर से जलडमरूमध्य पर नियंत्रण बनाए रखने की नीति तय किए जाने की बात कही गई है। ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन से जहाजों को निशाना बनाने या नौकाओं के जरिए जहाजों को डराकर रास्ते से हटाने की आशंका भी जताई गई है।

क्या खतरा होर्मुज से आगे भी फैल रहा है?
खाड़ी के तेल उत्पादक देश हाल के महीनों में तेल की खेपों को होर्मुज के ओमान वाले हिस्से के करीब से ले जा रहे हैं और बाद में खुले समुद्र में दूसरे जहाजों में स्थानांतरित कर रहे हैं। इस बीच कतर के तट से करीब 51 समुद्री मील दूर एक टैंकर पर कई प्रोजेक्टाइल दागे गए। इससे चालक दल के कुछ सदस्यों को मामूली चोटें आईं। इस घटना ने कतर, बहरीन, सऊदी अरब, कुवैत और इराक तक समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

टैंकरों की आवाजाही पर क्या असर पड़ा?
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़े हमलों और धमकियों का असर शिपिंग कंपनियों पर भी पड़ा है। जहाज मालिक इस जलमार्ग से गुजरने में पहले की तुलना में ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं। ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि नाकाबंदी जारी रहेगी, लेकिन होर्मुज से तेल की आवाजाही रिकॉर्ड स्तर पर है। उन्होंने दावा किया कि एक रात में करीब 2.2 करोड़ बैरल तेल इस जलडमरूमध्य से गुजरा और इसमें ईरान का कोई तेल शामिल नहीं था। अब बड़ा सवाल यह है कि बातचीत के बीच होर्मुज में बढ़ता खतरा अमेरिका-ईरान तनाव की दिशा को कितना प्रभावित करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें