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क्या ईरान का साथ छोड़ देगा ड्रैगन?: चीन से लौटे ट्रंप बोले- तेहरान परमाणु संपन्न नहीं बन सकता, जिनपिंग भी सहमत

Sat, 16 May 2026 07:40 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ईरान को परमाणु हथियारों से दूर रखने पर सहमत हुए हैं। साथ ही ताइवान के मुद्दे पर शी जिनपिंग ने आजादी की कोशिशों का विरोध किया। ट्रंप ने कहा कि वह शांति चाहते हैं और ताइवान को हथियारों की बिक्री पर जल्द फैसला लेंगे।
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डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी तीन दिनों की चीन यात्रा पूरी कर ली है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत की। ट्रंप ने बताया कि दोनों देश इस बात पर एकमत हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।
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क्या बोले ट्रंप?
चीन से रवाना होने के बाद, एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग भी यही चाहते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खुला रहे। ट्रंप ने दावा किया कि इस समुद्री रास्ते पर अमेरिका का नियंत्रण है। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई हफ्तों से अमेरिका ने वहां नौसैनिक घेराबंदी कर रखी है। इस वजह से ईरान को हर दिन लगभग 50 करोड़ डॉलर का भारी नुकसान हो रहा है। ट्रंप ने कहा, 'मेरे मन में उनके लिए बहुत सम्मान है। ईरान के मुद्दे पर जिनपिंग का भी मानना है कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते और वह चाहते हैं कि वे जलडमरूमध्य को खुला रखें।'

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ताइवान के मुद्दे पर क्या बात हुई?
ताइवान के मुद्दे पर भी दोनों नेताओं के बीच लंबी चर्चा हुई। ट्रंप ने बताया कि शी जिनपिंग ताइवान की आजादी की किसी भी कोशिश के सख्त खिलाफ हैं। शी जिनपिंग का मानना है कि ऐसी कोशिशों से बड़ा टकराव पैदा हो सकता है, जिसे वह टालना चाहते हैं। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने शी जिनपिंग की बातों को ध्यान से सुना, हालांकि उन्होंने खुद इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।




पत्रकारों ने ट्रंप से 1982 के उस समझौते के बारे में भी पूछा, जिसमें अमेरिका ने ताइवान को हथियार बेचने के मामले में चीन से सलाह न करने का भरोसा दिया था। इस पर ट्रंप ने कहा कि 1982 की बात अब बहुत पुरानी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने शी जिनपिंग के साथ ताइवान को हथियारों की बिक्री पर विस्तार से बात की है।
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ट्रंप ने कहा कि वह इस मामले में जल्द ही कोई फैसला लेंगे। उन्होंने साफ किया कि वह अमेरिका से 9,500 मील दूर किसी भी युद्ध में शामिल नहीं होना चाहते। ट्रंप ने शी जिनपिंग की तारीफ करते हुए उन्हें एक बेहतरीन व्यक्ति बताया और कहा कि दोनों के बीच अब अच्छी समझ बन गई है। उन्होंने कहा कि उनका चीन प्रवास बहुत अच्छा रहा।

चीन यात्रा पर क्या बोले ट्रंप
चीन से वापस आने के बाद ट्रंप ने इस दौरे को एक बड़ी सफलता और शानदार अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि चीन के साथ कई बड़े और महत्वपूर्ण समझौते हुए। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अब दोनों देशों के बीच बहुत अच्छे संबंध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस यात्रा के दौरान ऐसी बहुत सी चीजें हुई हैं, जिनके बारे में लोगों को जल्द ही पता चलेगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी इस यात्रा को एक ऐतिहासिक पल करार दिया और इस पूरी यात्रा को लेकर अपनी खुशी जाहिर की।

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