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US: 'टैरिफ पर वार्ता के लिए 50 से ज्यादा देशों ने व्हाइट हाउस से किया संपर्क', ट्रंप के आर्थिक सलाहकार का दावा

Mon, 07 Apr 2025 03:58 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।

सार

US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ के एलान बाद 50 से अधिक देशों ने वार्ता के लिए व्हाइट हाउस से संपर्क किया। ट्रंप ने इन टैरिफ को वैश्विक व्यापार व्यवस्था में बदलाव के रूप में पेश किया, जबकि उनके सलाहकारों ने वैश्विक मंदी की संभावना को खारिज किया और इसे दीर्घकालिक समृद्धि के लिए जरूरी कदम बताया। 
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व्हाइट हाउस - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से नए आयात शुल्कों (टैरिफ) के एलान के बाद से पचास से ज्यादा देशों ने व्हाइट हाउस से संपर्क किया। इन देशों ने इन टैरिफ पर बातचीत की इच्छा जताई। अधिकारियों का कहना है कि यह टैरिफ वित्तीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं और इससे वैश्विक व्यापारक व्यापार व्यवस्था में बदलाव आ रहा है। 

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नई दरें बुधवार से लागू होने वाली हैं, जिससे आर्थिक अनिश्चितता का एक नया दौर शुरू होगा और इसका कोई स्पष्ट अंत भी नजर नहीं आ रहा है। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेशेंट ने कहा कि अन्यायपूर्ण व्यापार प्रथाओं को कुछ दिनों या हफ्तों की बातचीत से दूर नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह देखना होगा कि दूसरे देश क्या पेशकश करते हैं और क्या यह भरोसेमंद है। 

फ्लोरिडा में गोल्फ खेलते हुए सप्ताहांत बिताने वाले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, हम जीतेंगे। धैर्य रखें, यह आसान नहीं होगा। उनके कैबिनेट सदस्य और आर्थिक सलाहकार रविवार को टैरिफ का बचाव करते हुए और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव को कमतर आंकते हुए सामने आए। 
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बेशेंट ने कहा, यह जरूरी नहीं है कि मंदी आए। कौन जानता है कि बाजार एक दिन या हफ्ते में कैसे प्रतिक्रिया देगा? हम जो देख रहे हैं वह दीर्घकालिक आर्थिक बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है, ताकि समृद्धि हासिल की जा सके। 

बिना कांग्रेस की अनुमति के ट्रंप ने किए नए टैरिफ के एलान
दो अप्रैल को जवाबी टैरिफ के एलान से ट्रंप ने अपने चुनावी वादे को पूरा किया है। उन्होंने कांग्रेस (संसद) की सहमति के बिना वैश्विक व्यापार के नियमों को फिर से तय किया है। ट्रंप के लिए यह दशकों की योजना का हिस्सा है। वह लंबे समय से विदेशी व्यापार समझौतों को अमेरिकी के खिलाफ अन्याय बताते रहे हैं। वह इस पर दांव लगा रहे हैं कि लोग उनकी आर्थिक नीतियों को लागू करने के लिए रोजमर्रा की चीजों की महंगाई सहन करने के लिए तैयार होंगे।  

50 से अधिक देशों ने टैरिफ पर वार्ता के लिए किया संपर्क
देश यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि ट्रंप के टैरिफ पर कैसे प्रतिक्रिया दें। चीन सहित अन्य देशों ने जल्द ही जवाबी टैरिफ लगाए हैं। व्हाइट हाउस के मुख्य आर्थिक सलाहकार केविन हैसेट ने माना कि अन्य देश नाराज हैं और जवाबी कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा, वैसे वे बातचीत के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के मुताबिक पचास से अधिक देशों ने व्हाइट हाउस से संपर्क किया है और वार्ता शुरू करने के लिए कदम बढ़ाए हैं।  

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टैरिफ और युद्ध के मुद्दे पर ट्रंप से बात करेंगे नेतन्याहू
टैरिफ अमेरिका के मित्र देशों और विरोधियों दोनों को प्रभावित कर रहे हैं, जिसमें इस्राइल भी शामिल है, जिसके उत्पादों पर 17 फीसदी टैरिफ लगाया गया है। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार को व्हाइट हाउस का दौरा करने वाले हैं और उनके कार्यालय ने कहा कि टैरिफ के साथ-साथ गाजा युद्ध और अन्य मुद्दों पर भी ट्रंप से बातचीत की जाएगी।

अमेरिका के एक और सहयोगी देश वियतनाम भी टैरिफ को लेकर ट्रंप प्रशासन से संपर्क कर चुका है। ट्रंप ने कहा कि वियतनाम के नेता ने फोन पर कहा कि उनका देश 'अगर अमेरिका के साथ समझौता कर पाता है तो अपने टैरिफ को शून्य करना चाहता है। वियतनाम कपड़े बनाने का प्रमुख केंद्र है।

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