अबू धाबी में प्रसिद्ध बीएपीएस हिंदू मंदिर में रामनवमी और स्वामी नारायण जयंती को बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस आयोजन के जरिए संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता को बढ़ावा दिया गया। बीएपीएस मंदिर के मुख्य पुजारी ब्रह्मविहारी स्वामी के मुताबिक, यह उत्सव दिनभर चला, जिसमें सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक राम भजन प्रस्तुत किए गए, इसके बाद श्रीराम जन्मोत्सव आरती हुई।
एक बयान में कहा गया कि विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। उन्होंने विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इसमें कहा गया, इस उत्सव में श्रद्धालुओं और आगंतुकों की भारी भीड़ पहुंची, जो भगवान राम और भगवान स्वामीनारायण के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए। यह आध्यात्मिक सभा शांति, एकता और सनातन हिंदू मूल्यों की प्रतीक बनी।
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सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा विशेष आकर्षण
इस उत्सव में एक प्रमुख आकर्षण बीएपीएस की ओर से प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम था, जिसमें गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम जैसा एक मंच तैयार किया गया था। संगीत, नाटक और कहानी के जरिए युवा कलाकारों ने भगवान राम के दिव्य और प्रेरणादायक जीवन को प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए।
कब मनाई जाती है राम नवमी
अबू धाबी का बीएपीएसस हिंदू मंदिर आपसी सद्भाव, भक्ति और हिंदू गौरव का प्रतीक बनकर खड़ा है। रामनवमी हिंदू त्योहार है, जो भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान राम को हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता माना जाता है और वह भगवान विष्णु के सातवें अवतार के रूप में भी प्रसिद्ध हैं। राम नवमी चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है, जो हिंदू कैलेंडर के अनुसार मार्च-अप्रैल में पड़ता है। यह त्योहार चैत्र नवरात्रि के पर्व का हिस्सा भी है।
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