मार्को रुबियो, अमेरिकी विदेश मंत्री
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दक्षिण अफ्रीका के राजदूत इब्राहिम रसूल को पिछले सप्ताह अमेरिकी विदेश विभाग ने अवांछित व्यक्ति घोषित किया। इसके बाद आज विभाग ने रसूल को शुक्रवार तक अमेरिका छोड़ने का आदेश दिया। विदेश विभाग ने मामले में बताया कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ये फैसला किया है कि अब रसूल अमेरिका में अपने देश का प्रतिनिधि नहीं कर सकते हैं। बता दें कि रुबियो ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक पोस्ट कर ये जानकारी दी, जिसके बाद दक्षिणी अफ्रीकी दूतावास को इस बारे में औपचारिक सूचना दी गई।
सोमवार को समाप्त हुए रसूल के अधिकार
मामले में आगे की जानकारी देते हुए विदेश विभाग ने कहा कि रसूल को अमेरिका में उनके देश का प्रतिनिधि बनना अस्वीकार्य माना गया है। साथ ही उनके राजनयिक अधिकार सोमवार से समाप्त हो गए हैं। उन्हें शुक्रवार तक अमेरिका छोड़ना होगा। हालांकि अभी ये बात पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि वह अभी अमेरिका में हैं या नहीं। हालांकि दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने रसूल के निष्कासन पर खेद जताया और कहा कि उनका देश अमेरिका के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
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रसूल पर जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप
बता दें कि रुबियो ने यह निर्णय कनाडा में एक बैठक से लौटते समय सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने रसूल पर जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि वह ट्रंप प्रशासन से नफरत करते हैं। यह मामला एक वेबिनार से जुड़ा था, जिसमें रसूल ने अमेरिकी राजनीति और ट्रंप प्रशासन की आलोचना की थी।
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हाल ही में अमेरिका में किसी विदेशी राजदूत को निष्कासित करना असामान्य बात है, लेकिन निचले दर्जे के राजनयिकों को अवांछित व्यक्ति घोषित करना आम है। हालांकि यह कदम ट्रंप प्रशासन द्वारा दक्षिण अफ्रीका को निशाना बनाने के एक और प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। ट्रंप ने हाल ही में दक्षिण अफ्रीका को आर्थिक सहायता रोकने का आदेश भी दिया था।
क्या है पूरा मामला, एक नजर
गौरतलब है कि संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि दक्षिण अफ्रीका के राजदूत इब्राहिम रसूल को अब पर्सोना नॉन ग्रेटा यानी "अवांछित व्यक्ति" माना जाएगा। इसका मतलब है कि अब उनका अमेरिका में कोई स्वागत नहीं किया जाएगा। रुबियो ने रसूल पर नस्लवादी राजनीतिज्ञ होने का आरोप लगाया और कहा कि वे अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से नफरत करते हैं।
रुबियो ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अमेरिका में रसूल का स्वागत नहीं है क्योंकि उन्होंने ट्रंप और अमेरिकी समाज के खिलाफ बयान दिए हैं। रसूल ने हाल ही में ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा था कि ट्रंप वर्चस्ववाद को संगठित कर रहे हैं और उनका मेक अमेरिका ग्रेट अगेन अभियान अमेरिकी जनसांख्यिकी में बदलाव का परिणाम है, जिसमें श्वेतों की संख्या घट रही है और अल्पसंख्यकों का बहुमत बनने की संभावना है। रुबियो की यह घोषणा उस समय आई जब रसूल ने ट्रंप की नीतियों और उनकी विचारधारा पर सवाल उठाए थे।
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