फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रंप पर व्हिसिल ब्लोअर की शिकायत छिपाने का आरोप, अमेरिकी कांग्रेस इस कदम से नाराज

Sat, 21 Sep 2019 11:21 AM IST
Trainee Trainee वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

  • ट्रंप पर व्हिस्ल ब्लोअर की शिकायत छिपाने का आरोप
  • हाउस इंटेलिजेंस कमेटी मामले की जांच कर रही है
  • ट्रंप के पैदा हो सकती है मुश्किलें
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमेरिकी संसद की हाउस इंटेलिजेंस कमेटी ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कथित संदिग्ध व्यवहार को लेकर एक व्हिसिल ब्लोअर की शिकायत से निपटने की जानकारी अमेरिकी सांसदों को दी। सांसदों को बताया गया कि इस शिकायत को जानबूझकर अमेरिकी कांग्रेस से छिपाया गया था। शिकायत छिपाने के मुद्दे पर कमेटी के चेयरमैन व विपक्षी डेमोक्रेट के वरिष्ठ सांसद एडम स्किफ ने चिंता व्यक्त की है।

विज्ञापन


राष्ट्रपति पद का दुरुपयोग कर उत्पीड़न करने के आरोपों को ट्रंप सिर से खारिज कर चुके हैं, लेकिन इससे सांसदों और डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस (डीएनआई) के कार्यालय के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। 

इससे यह बात भी स्पष्ट हो चुकी है कि शीर्ष खुफिया अधिकारी गलत तरीके से राष्ट्रपति को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। विशेषज्ञ इस सारे मामले से ट्रंप की परेशानी बढ़ने की संभावना जता रहे हैं।
विज्ञापन


दो अज्ञात पूर्व अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से पेश न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी खुफिया अधिकारी ने राष्ट्रपति ट्रंप और एक विदेशी नेता के बीच वार्ता होने और उसमें राष्ट्रपति की तरफ से एक खास वादा किए जाने का जिक्र अपनी शिकायत में किया है। 

अखबार के मुताबिक शिकायत के तार यूक्रेन से जुड़े हो सकते है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि शिकायत में दिए गए विदेशी नेता यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदमीर जेलेंस्की हो सकते हैं, जिनके साथ ट्रंप ने दो सप्ताह पहले ठीक यह शिकायत दाखिल किए जाने से पहले वार्ता की थी।

कार्यवाहक डीएनआई पर है छिपाने का आरोप

व्हिस्ल ब्लोअर ने अपनी शिकायत इंस्पेक्टर जनरल ऑफ इंटेलिजेंस कम्युनिटी (आईसीआईजी) माइकल एटक्सिंन को दी थी, जिन्होंने इसे कांग्रेस की निगरानी समितियों को बताने लायक तत्काल चिंता का पुख्ता मुद्दा माना था। 

लेकिन हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के सामने बंद कमरे में तीन घंटे लंबी सुनवाई के दौरान एटक्सिंन ने कहा है कि उन्हें तत्कालीन कार्यवाहक डीएनआई जोसेफ मैग्युरे ने कांग्रेस को शिकायत का ब्योरा देने से रोक दिया था। 

स्किफ ने इस पूरे प्रकरण को हताश करने वाला करार देते हुए कहा कि हमें नहीं पता है कि इस जानकारी को कांग्रेस के सामने आने से रोकने में व्हाइट हाउस भी शामिल था या नहीं। स्किफ ने इस मामले में बृहस्पतिवार को एटक्सिंन का एक पत्र भी सार्वजनिक किया। हालांकि इस मुद्दे पर मैग्युरे अगले बृहस्पतिवार को कमेटी के सामने पेश होने के लिए तैयार हो गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें