US: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की सबसे बड़ी जासूसी एजेंसी एनएसए और साइबर कमान के प्रमुख जनरल टिम हॉग को अचानक उनके पद से हटा दिया। इस फैसले की न तो सेना को पहले से जानकारी थी और न ही कोई ठोस कारण बताया गया। राजनेताओं ने इस पर नाराजगी जताई है और कहा है कि इससे देश की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनएसए) के निदेशक और साइबर कमान के प्रमुख जनरल टिम हॉग को पद से हटा दिया। अमेरिकी अधिकारियों और सांसदों ने यह जानकारी दी।
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टिम हॉग के पास जासूसी में 33 साल का अनुभव
व्हाइट हाउस और पेंटागन (रक्षा मंत्रालय) ने इस फैसले के पीछे की कोई वजह नहीं बताई है। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि सेना के वरिष्ठ अधिकारियों को गुरिवार को बताया गया कि जनरल टिम हॉग को हटा दिया गया है। उन्हें पहले से इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई थी। टिम हॉग एक चार-स्टार जनरल हैं और उनका 33 साल का लंबा अनुभव है, खासकर जासूसी और साइबर अभियानों में।
कई सांसदों ने की ट्रंप के फैसला की आलोचना
इस फैसले को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि इतनी अहम जिम्मेदारी निभा रहे अफसर को बिना कारण हटाया गया है। इस कदम को लेकर कई सांसदों ने कड़ी आलोचना की है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब ट्रंप प्रशासन पर आरोप लग रहा है कि उन्होंने उन नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की, जिन्होंने यमन में हूती विद्रोहियों पर हमले की योजना पर चर्चा करने के लिए सिग्नल एप्प का उपयोग किया। अभी यह साफ नहीं है कि अब एनएसए और साइबर कमान की जिम्मेदारी किसके पास है।
वेंडी नोबल को भी नागरिक उप प्रमुख के पद से हटाया
एनएसए में हॉग के साथ काम करने वाली वेंडी नोबल को भी नागरिक उप प्रमुख के पद से हटाया गया है। एनएसए ने बुधवार देर रात सांसदों और राष्ट्रीय सुरक्षा समितियों से जुड़े सांसदों को अपनी बर्खास्तगी की जानकारी दी, लेकिन कोई कारण नहीं बताया। इस मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने नाम न बताने की शर्त पर यह जानकारी दी।
टिप्पणीकार लौरा ने खुद को दिया फैसले का श्रेय
व्हाइट हाउस ने इस बारे में पूछे गए सवालों पर कोई जवाब नहीं दिया। एनएसए ने हॉग से जुड़े सवाल रक्षा मंत्रालय को भेज दिए, लेकिन शुक्रवार तक वहां से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। दूसरी ओर, दक्षिणपंथी कार्यकर्ता और टिप्पणीकार लौरा लूमर ने शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में इस फैसला श्रेय खुद को दिया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने हॉग के जनरल मिले और पूर्ववर्ती बाइडन प्रशासन से जुड़ाव को लेकर चिंता जताई थी और राष्ट्रपति ट्रंप के प्रति उनकी निष्ठा पर सवाल उठाए थे। जनरल मिले ट्रंप के पहले कार्यकाल में ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ थे, लेकिन अब वह ट्रंप के मुखर आलोचक हैं।