सार
भारत-ब्रिटेन फ्री ट्रेड समझौते से व्यापार तेज, सस्ता और आसान होगा। यह समझौता खासकर छोटे और मध्यम व्यवसायों (SMEs) के लिए भारतीय बाजार में अवसर बढ़ाएगा। स्टील, ऑटो, खाद्य और मेडिकल सेक्टर को लाभ होगा। साथ ही दोनों देशों के बीच सालाना 25.5 अरब पाउंड का व्यापार बढ़ेगा।
भारत ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (प्रतीकात्मक)
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
ब्रिटेन और भारत के बीच हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) मध्यम व्यवसायों (एसएमईएस) के लिए भारतीय बाजार में प्रवेश को आसान बनाएगा। इस समझौते को लेकर बुधवार को ब्रिटेन सरकार ने बयान जारी कर बताया कि इस समझौते से व्यापार अब तेज, सस्ता और आसान हो जाएगा। मामले में ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने इस समझौते को भारत की तरफ से अब तक किया गया सबसे बेहतरीन सौदा बताया। उन्होंने कहा कि इससे यूके की स्टील, ऑटोमोबाइल, व्हिस्की, जिन, कॉस्मेटिक्स, मेडिकल डिवाइसेज, मशीनरी और मीट जैसी चीजो का भारत में निर्यात बढ़ेगा।
दोनों देशों के बीच अरबों पाउंड की होगी बढ़ोतरी
बता दें कि एफटीए से दोनों देशों के बीच व्यापार में हर साल करीब 25.5 अरब पाउंड की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। ब्रिटेन की फूड एंड ड्रिंक फेडरेशन की प्रमुख करेन बेट्स ने कहा कि ब्रिटेन ने 2024 में भारत को करीब 300 मिलियन पाउंड का खाद्य और पेय पदार्थ निर्यात किया और यह समझौता इस क्षेत्र के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है।
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बोर्ड ऑफ ट्रेड की पहली बैठक
एफटीए डिजिटल कस्टम सिस्टम और बेहतर प्रक्रियाएं व्यापार को और आसान बनाएंगी, खासकर छोटे व्यवसायों के लिए जो पहले भारतीय बाजार में नहीं आ पा रहे थे। इस मौके पर ‘बोर्ड ऑफ ट्रेड’ की पहली बैठक भी हुई, जिसमें ब्रिटेन के बड़े बिजनेस लीडर्स शामिल हुए। यह बोर्ड छोटे व्यवसायों को वैश्विक बाजारों में पहुंच दिलाने और भारत एवं अमेरिका जैसे देशों के साथ हुए समझौतों से लाभ उठाने में मदद करेगा।
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'यह एक ऐतिहासिक मौका है'
वहीं इस समझौते को लेकर स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के सीईओ बिल विंटर्स ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक मौका है जो भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार और नवाचार को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। गौरतलब है कि एफटीए के अलावा ब्रिटेन और अमेरिका के बीच भी नया व्यापार समझौता हुआ है, जिससे ऑटोमोबाइल, स्टील, एलुमिनियम, फार्मा और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में 3 लाख से ज्यादा नौकरियों को फायदा मिलेगा। देखा जाए तो यह नया दौर ब्रिटेन की नई व्यापार रणनीति और छोटे व्यवसायों की नीति के तहत पूरे देश में आर्थिक विकास और जीवन स्तर सुधारने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।