ब्रिटेन पर मंदी का साया लगातार गहराता जा रहा है। अब इसके उससे कहीं ज्यादा गंभीर होने का अंदेशा जताया जा रहा है, जैसा पहले सोचा गया था। इस बीच, पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन को दोबारा पीएम बनाने की मांग तेज हो गई है। यूगोव पोल के मुताबिक, बड़ी संख्या में टोरी सदस्य बोरिस जॉनसन को दोबारा पीएम बनते देखना चाहते हैं। इस पोल में दूसरे नंबर पर भारतीय मूल के ऋषि सुनक हैं। वह हाल ही में हुए चुनावों में दूसरे नंबर पर रहे थे। यूगोव पोल के सर्वे में लिज ट्रस को तीसरा नंबर मिला है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पोल में जो आंकड़े निकल कर सामने आए हैं। उनके मुताबिक, लिज ट्रस की पार्टी ही उनपर भरोसा नहीं कर पा रही है। उनकी पार्टी के टोरी मेंबर्स चाहते हैं कि लिज ट्रस को पीएम पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। ऐसे टोरी सदस्यों की संख्या 55 फीसदी है। ये सदस्य ये भी चाहते हैं कि सुनक को एक बार फिर से मौका देना चाहिए। ट्रस अपनी आर्थिक नीतियों को लेकर अपना विश्वास खो रही हैं। वहीं, पूर्व पीएम बोरिस जॉनसन को इस पोल में भरपूर सहयोग मिलता दिख रहा है। इस पोल के मुताबिक, 63 फीसदी लोगों का मानना है कि पूर्व पीएम लिज ट्रस के सबसे बेहतर रिप्लेसमेंट साबित होंगे। वहीं, 32 फीसदी लोगों ने उन्हें टॉप कैंडिडेट माना है। वहीं, इस मामले में 23 फीसदी लोग ऋषि सुनक के साथ हैं। इन तीनों नेताओं के अलावा, जेरेमी हंट, और पेन्नी मोर्डांट का भी बड़े पैमाने पर लोग समर्थन कर रहे हैं।
अगर अभी हुए चुनाव तो ये होंगे परिणाम
यूगोव के इस पोल में एक बात और निकलकर सामने आई है। वो यह है कि ब्रिटेन में अगर इन परिस्थितियों में पीएम पद के लिए कंजर्वेटिव पार्टी में चुनाव होते हैं तो भारतीय मूल के पूर्व चांसलर ऋषि सुनक अपनी प्रतिद्वंद्वी लिज ट्रस को हरा देंगे। नए पोल के मुताबिक, 55 फीसदी टोरी सदस्य चाहते हैं कि सुनक को एक बार फिर से मौका देना चाहिए। वे यह भी चाहते है कि पीएम लिज ट्रस को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। केवल 38 प्रतिशत का मानना है कि ट्रस को पद पर बने रहना चाहिए। ट्रस अपनी आर्थिक नीतियों को लेकर अपना विश्वास खो रही हैं।
लिज ट्रस की नीतियां पड़ रहीं भारी
ब्रिटेन की लिज ट्रस सरकार की आर्थिक नीतियां देश को बहुत भारी पड़ रही हैं। ट्रस ने सत्ता संभालते ही कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का एलान किया था। उसके साथ निजी आय कर में भी छूट देने की घोषणा हुई थी। लेकिन ट्रस सरकार ने यह नहीं बताया कि इन कटौतियों से सरकारी खजाने को जो नुकसान होगा, उसकी भरपाई कैसे की जाएगी। इससे ब्रिटेन का बॉन्ड बाजार ढहने के करीब पहुंच गया। उससे फैली अफरा-तफरी के बीच ट्रस ने यू-टर्न लेते हुए तमाम रियायतों को वापस ले लिया। उन्होंने अफरा-तफरी का दोष अपने वित्त मंत्री क्वासी क्वार्तेंग पर मढ़ते हुए उन्हें बर्खास्त कर दिया।