व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरीन जीन पियरे
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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने युद्धविराम की कोशिशें तेज कर दी हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरीन जीन-पियरे ने बुधवार को कहा कि दो अमेरिकी अधिकारी गुरुवार को महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करने के लिए इस्राइल का दौरा करेंगे, जिसमें गाजा और लेबनान की स्थिति, बंधकों की स्थिति और ईरान तथा क्षेत्रीय सीमाओं से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
इस्राइल और मिस्त्र के दौरे पर रहेंगे शीर्ष अमेरिकी अधिकारी
व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रेस सचिव ने कहा कि व्हाइट हाउस के अधिकारी ब्रेट मैकगर्क और अमोस होचस्टीन अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ इस्राइल जाएंगे। अमेरिकी अधिकारियों का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब इस्राइल ने हाल ही में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की और हवाई हमले किए। ईरान ने भी इस्राइल को धमकी दी है और इससे पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति बरकरार है। जीन पियरे ने ये भी बताया कि सीआईए के निदेशक बिल बर्न्स भी द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत के लिए गुरुवार को मिस्त्र का दौरा करेंगे।
इतना ही नहीं अमेरिका की सेंट्रल कमांड के जनरल एरिक कुरिल्ला भी रक्षा मुद्दे पर चर्चा के लिए पश्चिम एशिया के दौरे पर रहेंगे। वे इस्राइल भी जाएंगे। इससे साफ है कि अमेरिका ने पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव को कम करने के लिए पुरजोर कोशिशें तेज कर दी हैं। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने कहा कि ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा में की गई इस्राइली प्रतिक्रिया के बाद, शीर्ष अमेरिकी अधिकारी पश्चिमी एशिया के हालात पर इस्राइली समकक्षों के साथ नजर रख रहे हैं।
ईरान को चेताया
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने ईरान को चेताते हुए इस्राइल की सुरक्षा के लिए अमेरिकी सरकार की अडिग प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने इस्राइल के खिलाफ कोई कार्रवाई की तो अमेरिका भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करेगा। उन्होंने क्षेत्र में तनाव कम करने की जरूरत पर बल दिया। वहीं मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी ने रविवार को घोषणा की कि मिस्र ने गाजा में दो दिवसीय युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है, जिसका उद्देश्य चार इस्राइली बंधकों के बदले कुछ फिलिस्तीनी कैदियों की अदला-बदली करना है। उल्लेखनीय है कि 7 अक्टूबर को हमास द्वारा पकड़े गए 251 बंधकों में से लगभग 97 अभी भी गाजा में हमास की कैद में हैं, जिनमें कम से कम 34 बंधकों के शव शामिल हैं, जिनकी मौत की पुष्टि हो चुकी है। हमास ने साल 2014 और 2015 में गाजा पट्टी में प्रवेश करने वाले दो इस्राइली नागरिकों को भी बंधक बना रखा है, साथ ही 2014 में मारे गए दो आईडीएफ सैनिकों के शव भी कब्जे में रखे हैं।