ईरान के राष्ट्रपति हसन रुहानी ने अमेरिका के साथ वार्ता करने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है मौजूदा हालात में अमेरिका से वार्ता करना संभव नहीं है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, रूहानी ने विवादित मुद्दों का हल कूटनीति से निकालने का समर्थन किया है। लेकिन इस समय वह अमेरिका से किसी भी तरह की वार्ता के खिलाफ हैं।
उन्होंने अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों की चुनौती का सामना करने के लिए ईरानी नागरिकों से एकजुट होने की अपील भी की। बता दें दोनों देशों के बीच इस वक्त काफी तनाव का माहौल है। हालात ऐसे हैं कि खाड़ी क्षेत्र में हो रहे हमलों के लिए भी अमेरिका ईरान को ही जिम्मेदार बता रहा है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐसे संकेत दिए हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत संभव है।
सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार रुहानी का कहना है कि आज की स्थिति उनके लिए बातचीत की नहीं बल्कि प्रतिरोध की है। वहीं कुछ दिन पहले ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी। उन्होंने एक ट्वीट करते हुए कहा था कि अगर ईरान लड़ाई चाहता है तो उसका आधिकारिक अंत हो जाएगा। ट्रंप ने रविवार रात इराक स्थित अमेरिकी दूतावास के पास रॉकेट हमले के बाद यह चेतावनी दी थी। जिसके बाद से ईरान के साथ अमेरिका का तनाव और भी बढ़ गया।
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने भी कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान सरकार को स्पष्ट संदेश दे दिया है। अब किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए। आगे के हालात की जिम्मेदारी ईरान की होगी। अमेरिकी सैनिकों ने मध्य-पूर्व में मौजूदगी बढ़ाई है। यहां जंगी बेड़े तैनात किए गए हैं। इनमें पैट्रियट मिसाइलें, बी-52 बमवर्षक और एफ-15 लड़ाकू विमान शामिल हैं।
ट्रंप का कहना है कि वह ईरान के साथ कोई लड़ाई नहीं चाहते लेकिन अगर ईरान की ओर से कोई हमला किया गया तो उसका जवाब मजबूती के साथ दिया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि अगर ईरान चाहता है तो वो बातचीत के लिए तैयार हैं।