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Titan Submersible: समुद्र तल से 3700 मी. नीचे हल करना चाहते थे क्यूब, अधूरी रह गई विश्व रिकॉर्ड की तमन्ना

Mon, 26 Jun 2023 07:06 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

समर्सिबल हादसे में मारे गए पांच यात्रियों में पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश अरबपति शहजादा दाऊद, उनके बेटे सुलेमान दाऊद भी शामिल थे। सुलेमान अपनी रुबिक क्यूब अपने साथ ले गए थे, क्योंकि वह एक विश्व रिकॉर्ड तोड़ना चाहते थे। उन्होंने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए आवेदन किया था और उनके पिता शहजादा इस क्षण को कैद करने के लिए एक कैमरा लाए थे।
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सुलेमान दाऊद - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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इन दिनों टाइटन पनडुब्बी दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, इसी में सवार होकर पांच अरबपति टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने समुद्र में मीलों नीचे गए थे। हालांकि, अरबपतियों के रोमांचक सफर का दुखद अंत हुआ। समंदर की गहराइयों में विध्वंसक विस्फोट से पनडुब्बी के टुकड़े-टुकड़े हो गए और उस पर सवार सभी लोगों की मौत हो गई। अरबपतियों की मौत ने उनके परिवारजनों को गहरा सदमा दिया है और वह अपनों की यादें बयां कर रहे हैं। 
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टाइटन सबमरीन - फोटो : amarujala.com
सुलेमान अपनी रुबिक क्यूब अपने साथ ले गया था
समर्सिबल हादसे में मारे गए पांच यात्रियों में पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश अरबपति शहजादा दाऊद, उनके बेटे सुलेमान दाऊद, ब्रिटिश अरबपति हामिश हार्डिंग, फ्रांस के एक्सप्लोरर पॉल हेनरी और पनडुब्बी का संचालन करने वाली कंपनी ओशनगेट के सीईओ स्टॉकटोन रश शामिल थे। पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश कारोबारी शहजादा दाऊद भी अपने बेटे सुलेमान के साथ टाइटन पनडुब्बी पर सवार थे। दाऊद पाकिस्तान के सबसे धनी परिवारों में से एक से आते हैं। हालांकि, वे ब्रिटेन में रहते थे। 

दाऊद परिवार ने 20 जून को एक बयान जारी किया, जिसमें पनडुब्बी से संपर्क टूटने की बात कही गई थी। सेती इंस्टीट्यूट के ट्रस्टी शहजादा के परिवार में पत्नी क्रिस्टीन और बेटी अलीना हैं जिन्हें वे जमीन पर छोड़कर गोता लगाने गए थे। इस अभियान में साथ गए उनके बेटे सुलेमान की उम्र महज 19 साल थी।



सुलेमान अपनी मौत के पीछे एक ऐसा दर्द छोड़ गए हैं जो उनकी मां क्रिस्टीन शायद ही कभी भूल पाएं। क्रिस्टीन ने एक इंटरव्यू में बताया कि सुलेमान अपनी रुबिक क्यूब अपने साथ ले गया था, क्योंकि वह एक विश्व रिकॉर्ड तोड़ना चाहता था। उसने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के लिए आवेदन किया था और उनके पिता शहजादा इस क्षण को कैद करने के लिए एक कैमरा लाए थे।

क्रिस्टीन दाऊद और उनकी बेटी पनडुब्बी के सहायक जहाज पोलर प्रिंस पर सवार थीं, तभी खबर आई कि टाइटन के साथ संचार टूट गया है। उन्होंने कहा कि उस पल मुझे समझ नहीं आया कि इसका क्या मतलब है और फिर यह वहां से नीचे की ओर चला गया। क्रिस्टीन ने कहा कि उन्होंने टाइटैनिक के मलबे को देखने के लिए अपने पति के साथ जाने की योजना बनाई थी, लेकिन कोरोना के कारण यात्रा रद्द कर दी गई।

शहजादा दाऊद और सुलेमान दाऊद - फोटो : Social Media
क्यूब हर जगह अपने साथ ले जाता था सुलेमान
अपने बेटे के बारे में बात करते हुए क्रिस्टीन ने कहा कि सुलेमान को रूबिक क्यूब इतना पसंद था कि वह इसे हर जगह अपने साथ ले जाता था और 12 सेकंड में जटिल पहेली को हल करके दर्शकों को आश्चर्यचकित कर देता था। क्रिस्टीन के मुताबिक सुलेमान ने कहा था कि वह टाइटैनिक पर समुद्र के 3,700 मीटर नीचे रूबिक क्यूब को हल करने जा रहा है। क्रिस्टीन ने कहा कि वह और उनकी बेटी सुलेमान के सम्मान में रूबिक क्यूब को हल करना सीखने की कोशिश करेंगी।

17 साल की बेटी अलीना समेत पूरा परिवार फादर्स डे पर पोलर प्रिंस पर सवार हुआ था। क्रिस्टीन ने कहा कि उनके पति और बेटे के टाइटन सबमर्सिबल में चढ़ने से पहले वे गले मिले और मजाक किया। उन्होंने कहा, 'मैं वास्तव में उनके लिए खुश थी क्योंकि वे दोनों बहुत लंबे समय से ऐसा करना चाहते थे।'

क्रिस्टीन ने अपने पति को अपने आस-पास की दुनिया के बारे में बेहद जिज्ञासु बताया। 'एक ऐसा व्यक्ति जो रात के खाने के बाद परिवार को डॉक्यूमेंट्री देखने के लिए मजबूर करता था।' क्रिस्टीन ने कहा कि उनकी इच्छा है कि वह अपने पति के काम को जारी रख सकें।
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titan submersible implosion and become wreckage inside ocean animated video viral - फोटो : Twitter
क्या हुई थी घटना?
बता दें कि टाइटन पनडुब्बी के यात्रियों ने कनाडा के न्यूफाउंडलैंड से 16 जून को अपने सफर की शुरुआत की थी। ये सभी लोग एक जहाज से पहले अटलांटिक महासागर में उस जगह पहुंचे, जहां टाइटैनिक जहाज का मलबा मौजूद है। इसके बाद 19 जून को ये सभी यात्री समर्सिबल से पानी के अंदर उतरे। सुबह 9 बजे ये लोग समुद्र की गहराई में उतरे और सुबह करीब 11.47 बजे ही पनडुब्बी से संचार संपर्क टूट गया। टाइटन पनडुब्बी एक मिनी वैन के आकार का था और इसके फर्श पर पांच से छह लोग ही बैठ सकते थे। टाइटैनिक के मलबे तक पहुंचने के लिए इसका अभियान आम तौर पर आठ घंटे तक चलता है, हालांकि, टाइटन के पांच यात्रियों के लिए लगभग 96 घंटे की ऑक्सीजन उपलब्ध थी। पांचों यात्रियों को शाम 6.10 बजे सतह पर वापस लौटना था। जिसके बाद शाम 6.35 बजे बचाव कार्य शुरू किया गया। 22 जून को अधिकारियों ने सभी यात्रियों को मृत घोषित कर दिया और पनडुब्बी में आंतरिक विस्फोट होने का खुलासा किया।
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