चाइनजी एप टिकटॉक को अब अल्बानिया में भी बंद किया जा रहा है। अल्बानियाई पीएम एडी रामा ने कहा कि एप पर केवल कीचड़ और कचरा दिखता है। सरकार ने 2025 से कम से कम एक साल के लिए टिकटॉक पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।
तिराना में शिक्षकों, अभिभावकों और मनोवैज्ञानिकों के साथ पीएम एडी रामा ने बैठक की। उन्होंने कहा कि हम इस एप को एक साल के लिए अपने देश से बाहर निकाल देंगे। इसकी बजाय सरकार अब छात्रों की शिक्षा के लिए कार्यक्रम शुरू करेगी। साथ ही अभिभावकों की मदद के लिए योजना लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि चीन में टिकटॉक का उपयोग पाठ्यक्रम और शिक्षा संबंधी पहलों के लिए किया जाता है। इस पर बताया जाता है कि छात्र किस प्रकार पाठ्यक्रम ले सकते हैं? प्रकृति की रक्षा कैसे की जा सकती है? परंपराओं को कैसे कायम रखा जा सकता है?
उन्होंने कहा कि मगर चीन के बाहर टिकटॉक पर हमें केवल गंदगी और कीचड़ नजर आता है। आखिर हमें इसकी जरूरत क्यों है? इससे केवल बच्चों नहीं पूरे समाज को समस्या है। पिछले दिनों तिराना में सोशल मीडिया पर टकराव में एक 14 वर्षीय छात्र की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद सोशल नेटवर्किंग एप ब्लॉक करने की कार्रवाई की गई। इसके बाद देश में सोशल नेटवर्किंग के प्रभाव को लेकर बहस छिड़ गई।
भारत में बैन है टिकटॉक
बता दें कि टिकटॉक को कई देशों ने बैन कर दिया है। टिकटॉक को बैन करने के मामले में भारत सबसे ऊपर आता है। भारत ने जून 2020 में राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए टिकटॉक के साथ 58 एप्स को बैन कर दिया था। इसके अलावा अफगानिस्तान, ईरान, इंडोनेशिया, किर्गीस्तान, ऑस्ट्रेलिया, रुस, यूनाइटेड किंगडम, बेल्जियम, डेनमार्क, कनाडा, न्यूजीलैंड, ताइवान, माल्टा, फ्रांस, नॉर्वे और लातविया ने भी टिकटॉक को बैन कर रखा है।
अमेरिकी सांसद कर चुके टिकटॉक को हटाने की मांग
टिकटॉक को ब्लॉक करने की मांग अमेरिकी सांसदों ने की थी। भारतीय-अमेरिकी राजा कृष्णमूर्ति समेत दो अमेरिकी सांसदों ने एपल और गूगल से अगले हफ्ते अपने एप स्टोर से टिकटॉक हटाने के लिए कहा।