जर्मनी के क्रिसमस बाजार में हुए कार के हमले के बाद शोक मनाया जा रहा है। वहीं इस पर सियासत भी शुरू हो गई है। शनिवार को यहां हमले में मरने वालों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने एक स्मारक पर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। वहीं जर्मनी के चांसलर ओलाफ स्कोल्ज भी मृतकों को पुष्प अर्पित करने पहुंचे। इसके अलावा जर्मनी की दक्षिणपंथी पार्टी एएफडी के सह-नेता टीनो क्रुपल्ला भी स्मारक पर पहुंचे। इसके बाद यहां सभा कर विरोध किया गया।
सुबह लोगों ने चर्च के बाहर मृतकों की याद में फूल चढ़ाए। इस दौरान 57 वर्षीय महिला एंड्रिया रीस अपनी बेटी जूलिया (34) के साथ वहां पहुंची और हमले को याद कर शोक जताया। उन्होंने कहा कि वे हमले में बाल-बाल बच गईं। क्योंकि बाजार में घूमती रहीं और कार के रास्ते में नहीं आईं। उन्होंने कहा कि हमले के बाद काफी भयानक आवाजें आईं। बच्चे अपने माता-पिता को मदद के लिए पुकार रहे थे। ये सब अब भी मेरे दिमाग में घूमता है। इस दौरान एक अन्य युवती भी दुखी होकर सिसकती नजर आई।
पहले कहा गया कि आठ साल पहले बर्लिन में एक इस्लामी चरमपंथी ने ट्रक से क्रिसमस मार्केट पर हमला किया था, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी यह वैसा ही था। बाद में सामने आया कि आरोपी तालेब ए है, जो एक पूर्व मुसलमान, इस्लाम का कट्टर आलोचक और जर्मनी के दक्षिणपंथी राजनीतिक दल 'आल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (एफडी) का समर्थक है, जो आप्रवासन विरोधी रुख रखता है।
इसे लेकर ऑस्ट्रियाई मार्टिन सेलनर ने कहा कि संदिग्ध के इरादे ठीक नहीं थे। वह इस्लाम से नफरत करता था, लेकिन लगता है कि जर्मनों से और भी अधिक नफरत करता था। शनिवार को चांसलर स्कोल्ज यहां मृतकों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे। इसके बाद एएफडी के सह-नेता टीनो क्रुपल्ला आए। तब तक यहां बड़ी संख्या में युवा पहुंच चुके थे। एकत्रित हुए युवाओं ने नवमूर्तिपूजावाद तथा दक्षिणपंथ के आंदोलनों से जुड़े प्रतीक चिन्ह धारण कर रखे थे।
हमले को लेकर आंतरिक मंत्री नैन्सी फेसर ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस हमले का फायदा अति दक्षिणपंथी उठा सकते हैं। हमारे देश में सभा करने की स्वतंत्रता है। हमें हर संभव प्रयास करना होगा कि हमले का किसी भी पक्ष द्वारा दुरुपयोग न किया जाए।
यह है मामला
जर्मनी में एक सऊदी डॉक्टर द्वारा क्रिसमस बाजार में गाड़ी घुसाकर किए गए हमले में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई थी और 200 से ज्यादा लोग घायल हुए। घायलों में सात भारतीय भी शामिल हैं, इनमें से तीन को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।
जर्मनी में साल 2006 से रह रहा आरोपी
तालेब 2006 से जर्मनी में रह रहा था और वह मानसिक रोग विशेषज्ञ था। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला अकेले तालेब द्वारा किया गया था। उसने एक बीएमडब्ल्यू कार का इस्तेमाल किया था, जिसे उसने हमले के लिए किराए पर लिया था। तालेब की सोशल मीडिया प्रोफाइल से पता चलता है कि वह सऊदी अरब में रहते हुए अपने नास्तिक विचारों को व्यक्त करने में असमर्थ था, क्योंकि सऊदी अरब में केवल इस्लाम को कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त है।