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US: टिकटॉक की अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से गुहार, कहा- राष्ट्रपति बाइडन ने जो कानून लागू किया, उस पर लगाई जाए रोक

Tue, 17 Dec 2024 08:30 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन

सार

अप्रैल में राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा हस्ताक्षरित एक विधेयक को कानून में बदल दिया गया था, जिसके तहत चीन के बाइटडांस (टिकटॉक का मालिक) को 19 जनवरी को अमेरिकी प्रतिबंध का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका में टिकटॉक के पास एक ही ऑप्शन है कि वह खुद को किसी अमेरिकी कंपनी को बेच दे। यदि ऐसा नहीं होता है तो कंपनी को अमेरिकी बाजार को छोड़ना होगा। 
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टिकटॉक - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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टिकटॉक ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से लागू किए गए कानून को अस्थायी रूप से रोकने की मांग की है। टिकटॉक ने सुप्रीम कोर्ट से मामले में छह जनवरी तक निर्णय लेने के लिए कहा है। 

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अप्रैल में राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा हस्ताक्षरित एक विधेयक को कानून में बदल दिया गया था, जिसके तहत चीन के बाइटडांस (टिकटॉक का मालिक) को 19 जनवरी को अमेरिकी प्रतिबंध का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका में टिकटॉक के पास एक ही ऑप्शन है कि वह खुद को किसी अमेरिकी कंपनी को बेच दे। यदि ऐसा नहीं होता है तो कंपनी को अमेरिकी बाजार को छोड़ना होगा। अमेरिका में टिकटॉक के 170 मिलियन यानी करीब 17 करोड़ यूजर्स हैं। 

इसे लेकर टिकटॉक की ओर से कहा गया है कि अमेरिकी सरकार ने उस पर बड़ा प्रतिबंध लागू किया है। यदि राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा लाया गया कानून लागू हो जाता है तो अमेरिका में सबसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफार्म बंद हो जाएगा। इससे उन अमेरिकियों को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिल सकेगा जो राजनीति, व्यापार, कला और सार्वजनिक सरोकारों के मामलों पर संवाद करते हैं। इसके साथ ही तमाम छोटे व्यापारियों पर भी असर पड़ेगा। लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। 
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बताया जा रहा है कि अमेरिका के नव निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 20 जनवरी को शपथ लेंगे। इससे पहले अगर मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडन द्वारा हस्ताक्षर किया गया कानून लागू हो जाता है तो अमेरिका और चीन के संबंध भी प्रभावित होंगे। वहीं नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टिकटॉक के सहयोगी के रूप में नजर आ रहे हैं। क्योंकि उनकी फेसबुक की मूल कंपनी मेटा और उसके स्वामी मार्क जुकरबर्ग से खटपट है। ऐसा इसलिए है कि मेटा ने छह जनवरी 2021 को यूएस कैपिटल दंगे के बाद पूर्व राष्ट्रपति को फेसबुक से प्रतिबंधित कर दिया था। वहीं यह भी साफ है कि अगर अमेरिका में टिकटॉक पर प्रतिबंध लग जाता है तो इसका सबसे बड़ा लाभ फेसबुक और मेटा को होगा। 

अमेरिका की सरकार का ये है आरोप
टिकटॉक को लेकर अमेरिका की सरकार का आरोप है कि यह चीन को डाटा जुटाने और यूजर्स की जासूसी करने की अनुमति देता है। इसकी वीडियो होस्टिंग सेवा से दुष्प्रचार फैलता है। हालांकि चीन और बाइटडांस इसका विरोध कर रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में तीन न्यायाधीशों वाले अमेरिकी अपील अदालत ने सर्वसम्मति से कानून के आधार को बरकरार रखा कि टिकटॉक का चीनी स्वामित्व से अलग होना हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए आवश्यक है।

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