अमेरिका में मरीन सेवा के लिए तीन भावी सैनिकों ने संघीय अदालत का रुख करके उन्हें बिना कटे केश, दाढ़ी और पगड़ी के साथ विशिष्ट बल के प्रशिक्षण में शामिल होने देने की गुहार लगाई है। मीडिया में आई खबरों के मुताबिक, डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया की अपीलीय अदालत के जजों ने आकाश सिंह, जसकीरत सिंह और मिलाप सिंह चहल की अपील पर सुनवाई भी की।
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मरीन टाइम्स की खबर के अनुसार, एक निचली अदालत ने उन्हें अपने धार्मिक विश्वास वाले प्रतीकों के साथ मरीन कोर बेसिक ट्रेनिंग करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन्होंने सितंबर में अपीलीय अदालत का रुख किया। मरीन बल की दलील है कि कोर के नियम लागू करना राष्ट्रीय हित के लिए एकरूपता बनाए रखने के मकसद से जरूरी हैं।
गौरतलब है कि सिख धर्म में पुरुषों के लिए अपने केश और दाढ़ी न कटाना तथा कंघा, किरपान रखना, कड़ा और सूती का एक सफेद कच्छा पहनना अनिवार्य है। बता दें कि अमेरिका में पहले सेना और अन्य आधिकारिक पदों में भर्ती के बाद सिखों को पगड़ी रखने के लिए मांगें की गईं और उन्हें सफलता भी मिली। उधर, ब्रिटेन में भी सिखों की धार्मिक पहचान को आधिकारिक मान्यता देने के लिए उठी मांगों पर गौर करते हुए उन्हें कई मामलों में छूट मिली हुई है।