पाकिस्तान की एक आतंकवाद निरोधक अदालत ने मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के गुट जमात-उद-दावा के तीन और आतंकियों को आतंकी वित्तपोषण के दो मामले में 15 साल की कैद की सजा सुनाई।
आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) लाहौर के जज एजाज अहमद बुत्तर ने बृहस्पतिवार को अब्दुल सलाम बिन मुहम्मद, जफर इकबाल और मुहम्मद अशरफ को सजा सुनाई। सईद के साले प्रोफेसर हाफिज अब्दुल रहमान मक्की को इन मामलों में छह महीने कैद की सजा सुनाई गई थी। दोषियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किया गया।
इस दौरान मीडिया को कार्यवाही की कवरेज करने की अनुमति नहीं दी गई। इससे पहले सईद के प्रवक्ता याह्या मुजाहिद को भी 15 साल की सजा सुनाई गई थी। आतंकी वित्तपोषण के दो मामलों में मुजाहिद को कुल सजा 32 साल की हुई। वहीं जफर इकबाल की आतंकवाद के वित्तपोषण मामले में सजा 41 साल की हो गई है।
पंजाब पुलिस के आतंकवाद निरोधक विभाग ने सईद समेत जमात के आतंकियों के खिलाफ विभिन्न शहरों में 41 एफआईआर दर्ज की थी। ट्रायल कोर्ट 27 मामलों में फैसला कर चुका है। एटीसी ने सईद को आतंकी वित्तीय मामलों में कुल 21 साल की कैद की सजा सुना चुका है। 70 वर्षीय जमात सरगना जुलाई 2019 से लाहौर की कोट लखपत जेल में बंद है।