नासा ने भारतीय मूल के अमेरिकी छात्र की अगुवाई वाली एक टीम को चुना है। इस टीम के क्यूबसैट को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के भविष्य के मिशनों के लिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। बता दें कि क्यूबसैट अनुसंधान करने वाला एक लघु उपग्रह है जो ब्रह्मांडीय किरणों का पता लगा सकता है।
केशव राघवन (21) की अगुवाई में येल अंडरग्रेजुएट एयरोस्पेस एसोसिएशन (वाईयूएए) के अनुसंधानकर्ताओं की टीम देश भर की उन 16 टीमों में शामिल है जिनके क्यूबसैट को 2020, 2021 और 2022 में अंतरिक्ष में भेजे जाने की योजना है।
टीम के क्यूबसैट बलास्ट (बोशेट लो अर्थ अल्फा/ बीटा स्पेस टेलीस्कोप) का नाम भौतिकीविद् एडवर्ड ए बोशेट के नाम पर रखा गया है जो अमेरिका में पीएचडी प्राप्त करने वाले पहले अफ्रीकी अमेरिकी हैं। छात्रों ने चार साल में इस उपग्रह को तैयार किया और नासा के क्यूबसैट लॉन्च इनिशिएटिव प्रतियोगिता के जरिए प्रक्षेपण की अनुमति प्राप्त की।