रिश्वतखोरी : भारतीय मूल का न्यूरोसर्जन अमेरिका में दोषी करार
भारतीय मूल का न्यूरोसर्जन अमेरिकी के कैलिफोर्निया में रिश्वतखोरी के मामले में दोषी पाया गया है। सैन डिएगो निवासी डॉ. लोकेश तंतुवाया मरीजों को रीढ़ की हड्डी की सर्जरी के लिए पेसिफिक अस्पताल रेफर करता था, जिसके बदले उसे रिश्वत मिलती थी। न्याय विभाग ने बताया कि डॉ. लोकेश मई 2021 से ही हिरासत में है। बृहस्पतिवार को उसने अपना अपराध स्वीकारते हुए कहा कि वह जानता था कि मरीजों को रेफर करने के लिए अस्पताल से मिलने वाली रकम अवैध है। इस तरह से उसने सेवा में धोखाधड़ी व संघीय रिश्वत रोधी कानूनों का उल्लंघन किया है। डॉ. लोकेश ने मोटे तौर पर करीब 33 लाख डॉलर रिश्वत में मिलने की अनुमान जताया।
उड़ान में देरी की पूर्व सूचना देगी एअर इंडिया
एअर इंडिया उड़ान की समय-सारणी में बदलाव या देरी के बारे में यात्रियों को पहले से जानकारी उपलब्ध करने के लिए नई व्यवस्था स्थापित करेगी। एयर इंडिया के सीईओ-एमडी कैंपबेल विल्सन ने कहा, हम अपने ग्राहकों को बेहतर सुविधा देने के लिए व्यवस्था बना रहे हैं।
बीमा लोकपाल ने निपटाईं 40,527 शिकायतें
बीमा लोकपाल ने 2021-22 में पॉलिसीधारकों की समस्याओं से जुड़ीं 40,527 शिकायतों का निपटारा किया। 2020-21 में 30,596 शिकायतें निपटाई गई थीं। पंजीयन के 30 दिन में शिकायतों का निपटारा करने का प्रयास होता है।
महंगाई से मिलेगी राहत, अगले साल जून तक 5 फीसदी रह जाएगी ः दास
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, महंगाई से जल्द आम लोगों की राहत मिलने की उम्मीद है। यह अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अब धीरे-धीरे नीचे आ रही है। अगले साल अप्रैल-जून तिमाही तक महंगाई कम होकर करीब 5 फीसदी के स्तर पर आ जाएगी। एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि महंगाई आज एक वैश्विक मुद्दा है। पश्चिम के देश इससे ज्यादा प्रभावित हैं। भारत भी परेशान है। गवर्नर ने कहा, मौद्रिक नीति के जरिये महंगाई को नियंत्रित करना आरबीआई की प्राथमिकता है। लेकिन, यह भी सुनिश्चित करेंगे कि आर्थिक विकास पर इसका कम असर पड़े। महंगाई में गिरावट आ रही है तो क्या ब्याज दरों में वृद्धि नहीं होगी, इसके जबाव में कहा, ब्याज दरों पर कोई अनुमान देना अभी संभव नहीं है। हालांकि, ब्याज दरों में वृद्धि का विकास दर पर मामूली असर ही रहने वाला है।
संयुक्त राष्ट्र के 24 मिशनों में भारत ने भेजे हजारों पुलिसकर्मी
भारत ने दुनिया भर के 24 मिशनों में 3,000 पुलिस कर्मियों का योगदान दिया है। यह बात खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका ने एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम में कही। वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूएन प्रमुखों के तीसरे पुलिस शिखर सम्मेलन में बोल रहे थे। खुफिया ब्यूरो के निदेशक ने कहा कि भारत ने 2007 में लाइबेरिया में पहला महिला दल तैनात किया था। उन्होंने कहा, शांति स्थापना मिशन जटिल संघर्षों से निपटते हैं। संघर्ष को राजनीतिक समाधान की आवश्यकता होती है जो अक्सर भटकाने वाले होते हैं। तपन डेका ने यह भी कहा कि मिशन के वर्दीधारी और गैर वर्दीधारी दोनों घटकों के लिए व्यापक प्रदर्शन मूल्यांकन की आवश्यकता है।
ब्रिटेन में पीएम पद के लिए वोटिंग समाप्त
ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का स्थान लेने के लिए चल रही दौड़ में वोटिंग की समय सीमा शुक्रवार शाम समाप्त हो गई। टोरी पार्टी के करीब एक लाख 60 हजार सदस्यों ने भारतीय मूल के पूर्व वित्त मंत्री ऋषि सुनक (42) और विदेश मंत्री लिज ट्रस (47) के बीच अपनी पसंद का चुनाव किया। कंजरवेटिव अभियान मुख्यालय ने बताया कि चुनाव का नतीजा सोमवार दोपहर 12:30 बजे रिटर्निंग अधिकारी सर ग्राहम ब्रेडी घोषित करेंगे।
इससे पूर्व, ऋषि सुनक और लिज ट्रस ने करीब एक दर्जन बहसों में एक-दूसरे का सामना किया। कंजरवेटिव पार्टी के चेयरमैन एंड्रयू स्टेपहेनसन ने कहा, यह पूरे ब्रिटेन में हमारी पार्टी की ताकत दिखाता है। ऋषि सुनक और लिज ट्रस ने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद एक-दूसरे का सद्भावना के साथ सामना किया। इससे पार्टी सदस्यों को दोनों से सवाल कर अपने वोट का फैसला करने में भी मदद मिली।
नेपाल ने दो और पेट्रोलियम लाइन बनाने में मांगी भारत की मदद
नेपाल ने सरकार से सरकार समझौते के तहत दो और पेट्रोलियम पाइप लाइन बनाने के लिए भारत से तकनीकी और आर्थिक मदद मांगी है। बिहार के मोतिहारी से नेपाल के बारा जिले के अमलेखगंज तक पेट्रेलियम पाइप लाइन पहले ही चल रही है। नेपाल सरकार के वाणिज्य, उद्योग और आपूर्ति विभाग की अवर सचिव उर्मिला केसी ने बताया कि नेपाल सरकार ने दो और पाइप लाइन का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा है। इनमें एक पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी से झापा में 52 किलोमीटर का है। दूसरा प्रस्ताव 59 किलोमीटर चितवन जिले में लोथार से अमलेखगंज को जोड़ने का है। यह दोनों ही नेपाल में हैं। दूसरा प्रस्ताव मोहिहारी-अमलेखगुनी पाइप लाइन के विस्तार का है।
जी-20 देशों के बीच स्वच्छ ऊर्जा पर नहीं बन पाई सहमति
दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के समूह जी-20 की बैठक के दौरान स्वच्छ ऊर्जा पर औपचारिक साझा वक्तव्य जारी करने पर सहमति नहीं बन पाई। अध्यक्ष इंडोनेशिया का कहना है कि सदस्यों ने स्वच्छ ऊर्जा अपनाने की दिशा में काम तेज करने पर गैरबाध्यकारी प्रस्ताव पर सहमति जताई। सबसे बड़े कार्बन उत्पादक देशों में शामिल इंडोनेशिया के ऊर्जा मंत्री ने बाली में समकक्षों के सामने शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य पाने के उपायों को समर्थन देने का प्रस्ताव रखा था। इसी सप्ताह जी-20 की जलवायु वार्ता भी साझा वक्तव्य तक पहुंचने में नाकाम रही थी। ब्रिटेन के जलवायु प्रतिनिधि आलोक शर्मा ने कहा कि कुछ प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं उत्सर्जन प्रतिबद्धताओं से पीछे हट रही हैं।
पाकिस्तान में भोजन और पेट्रोल की महंगाई से भड़क सकते हैं प्रदर्शन
पाकिस्तान में अगस्त महीने में मुद्रास्फीति 47 साल में सबसे ज्यादा 27.3 फीसदी पर जा पहुंची है। कंगाल देश को कर्ज देने वाले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने चिंता जताई है कि भोजन और पेट्रोलियम पदार्थ महंगे होने के कारण बड़े पैमाने पर प्रदर्शन और अस्थिरता का दौर शुरू हो सकता है। इससे पहले इतनी मुद्रास्फीति मई 1975 में थी। भोजन और अन्य सामग्रियों की कीमतों पर बाढ़ का असर सितंबर महीने में दिखेगा।
पाकिस्तान में जुलाई और अगस्त की समीक्षा के बाद आईएमएफ के प्रतिनिधियों ने हालात बिगड़ने की आशंका जताई। आईएमएफ ने इसी हफ्ते के शुरू में पाकिस्तान के लिए 600 करोड़ डॉलर की मदद में से 116 करोड़ डॉलर स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान को दिए हैं। वैश्विक कर्जदाता ने पाकिस्तान पर कई शर्तें भी लगाई हैं।
आईएमएफ की मांग है कि सरकार पेट्रोल पर 30 रुपये और डीजल पर 15 रुपये प्रति लीटर का शुल्क लगाए, जिसे 1 सितंबर से तीन चरणों में लागू किया जाए। सरकार ने बुधवार को पेट्रोल के दाम एक साथ 37.5 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए थे, जो आईएमएफ की शर्त से भी 7.50 रुपये ज्यादा है। सरकार का इरादा डीजल को महंगाई से बचाने का है।
आईएएस कैडर नियमों में बदलाव पर कोई फैसला नहीं लिया : केंद्र
केंद्र सरकार ने कहा है कि वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) नियमों में प्रस्तावित बदलाव पर विभिन्न पक्षकारों से मिली राय पर विचार कर रही है और अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है। इनमें नौकरशाहों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से संबंधित मामलों पर राज्य के अधिकारों को कम करने का प्रस्ताव है।
मौजूदा नियमों में आईएएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर केंद्र तथा राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा परस्पर विचार विमर्श की अनुमति मिली हुई है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने राज्यों से मिले पत्रों की प्रतियां साझा करने से इन्कार कर दिया।
इसके लिए उसने ‘विश्वासपूर्ण संबंधों’ के कारण ऐसी सूचना के खुलासे से छूट देने वाले पारदर्शिता कानून के एक प्रावधान का हवाला दिया। विभाग ने पिछले साल दिसंबर में भारतीय प्रशासनिक सेवा (कैडर) नियमों, 1954 में बदलाव का प्रस्ताव दिया था, जिससे राज्यों से अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की मांग करने वाले केंद्र के अनुरोध को ठुकराने की शक्तियां छीन ली जाएंगी।
उसने राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों से इस पर टिप्पणियां मांगी थीं। आईएएस अधिकारियों को एक कैडर आवंटित किया जाता है जो कोई राज्य या राज्यों का एक समूह या केंद्रशासित प्रदेश होता है। प्रत्येक कैडर को सीडीआर की अनुमति दी जाती है ताकि अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर काम करने का अवसर मिले, जिससे उनका अनुभव बढ़ता है।