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Poland: एंटीपर्सनल लैंड माइंस संधि छोड़ना चाह रहे पोलैंड और तीन बाल्टिक देश, रूस के खतरे के चलते की सिफारिश

Tue, 18 Mar 2025 05:43 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वारसॉ

सार

पोलैंड, लिथुआनिया, लातविया और एस्टोनिया के रक्षा मंत्रियों ने संयुक्त बयान में कहा कि वे सर्वसम्मति से 1999 में प्रभावी हुई अंतरराष्ट्रीय एंटीपर्सनल माइन प्रतिबंध संधि (ओटावा कन्वेंशन) से हटने की सिफारिश करते हैं। बताया जा रहा है नाटो के सदस्य देशों ने रूस के बढ़ते खतरे के चलते यह फैसला लिया है।
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पोलैंड फ्लैग - फोटो : Freepik
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विस्तार
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पोलैंड और तीन बाल्टिक देशों ने अंतरराष्ट्रीय एंटी पर्सनल लैंड माइंस संधि छोड़ने की सिफारिश की। बताया जा रहा है नाटो के सदस्य देशों ने रूस के बढ़ते खतरे के चलते यह फैसला लिया है। पोलैंड, लिथुआनिया, लातविया और एस्टोनिया के रक्षा मंत्रियों ने संयुक्त बयान में कहा कि वे सर्वसम्मति से 1999 में प्रभावी हुई अंतरराष्ट्रीय एंटीपर्सनल माइन प्रतिबंध संधि (ओटावा कन्वेंशन) से हटने की सिफारिश करते हैं। 

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सभी देशों का तर्क है कि एंटी-पर्सनल माइन प्रतिबंध संधि पर हस्ताक्षर करने के बाद से नाटो के पूर्वी हिस्से में सुरक्षा स्थिति खराब हो गई है। रूस और बेलारूस की सीमा से लगे नाटो सदस्य देशों के लिए सैन्य खतरे काफी बढ़ गए हैं। इस निर्णय के साथ हम एक स्पष्ट संदेश भेज रहे हैं। हमारे देश तैयार हैं। अपने क्षेत्र और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए हर आवश्यक उपाय कर सकते हैं।

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संधि छोड़ने के इरादे के बावजूद तीनों देशों ने कहा कि वे सशस्त्र संघर्ष के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सहित मानवीय कानून के प्रति प्रतिबद्ध रहेंगे। ओटावा कन्वेंशन पर 1997 में हस्ताक्षर किए गए थे और यह 1999 में लागू हुआ था। लगभग तीन दर्जन देशों ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। इसमें संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन, भारत, पाकिस्तान, दक्षिण कोरिया और रूस जैसे भूमि खदानों के कुछ प्रमुख वर्तमान और पूर्व उत्पादक और उपयोगकर्ता शामिल हैं। लैंडमाइन मॉनिटर की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 और 2024 में रूस, म्यांमार, ईरान और उत्तर कोरिया भूमि की खदानों का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे हैं। 
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इससे पहले पोलैंड के राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने अमेरिका से अपने देश में परमाणु हथियार तैनात करने की अपील की थी, ताकि रूस को रोकने में मदद मिल सके। यह अपील इस बात का संकेत है कि मॉस्को से खतरे के कारण यह नाटो देश परमाणु सुरक्षा पर विचार कर रहा है। इससे पहले 2022 में भी उन्होंने अमेरिका से परमाणु हथियारों की तैनाती की अपील की थी। पोलैंड नाटो का सदस्य देश है और यह यूक्रेन, बेलारूस और रूस के कलीनिनग्राद क्षेत्र से सीमा साझा करता है। 

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