तालिबान के साथ शांति समझौते को आगे बढ़ाने की दिशा में अफगानिस्तान तथा अमेरिका के प्रयासों पर चर्चा के लिये काबुल में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित शांति बैठक में हिस्सा लेने के लिये समूचे देश से हजारों नेता और अधिकारी जुटे।
शांति समझौते के संभावित शर्तों को तय करने के उद्देश्य से दुर्लभ ‘लोया जिरगा’ का आयोजन किया गया, जिसमें हिस्सा लेने के लिये 3,000 से अधिक लोगों को आमंत्रित किया गया था।