स्पेन की राजधानी मैड्रिड में हजारों लोगों ने घरों की बढ़ती लागत के खिलाफ प्रदर्शन किया है। लोग लगातार बढ़ते किराए और घरों की कीमतों से परेशान हैं। इससे कई स्पेनिश नागरिकों के लिए घर खरीदना मुश्किल हो गया है। यह प्रदर्शन रविवार को शहर के केंद्र में किया गया।
आवास संकट बना राजनीतिक चुनौती
प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज के लिए 2027 के चुनाव से पहले स्पेन में आवास संकट एक बड़ी राजनीतिक चुनौती माना जा रहा है। देश में घर खरीदने की मजबूत परंपरा है। लेकिन किराए पर सरकारी आवास बहुत कम हैं। पर्यटन और आबादी में वृद्धि के कारण मांग बढ़ने से किराए और कीमतें तेजी से बढ़ी हैं।
प्रदर्शन में नारेबाजी और बैनर
प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और बैनर दिखाए, जिनमें आवास के अधिकार की मांग की गई थी। एक बैनर पर लिखा था- हमें पड़ोसी चाहिए, पर्यटक नहीं। स्पेन में घर खरीदना अब कई लोगों के लिए बहुत महंगा हो गया है, खासकर बड़े शहरों और तटीय इलाकों में, जहां सट्टेबाजी और बढ़ती मांग ने कीमतें और बढ़ा दी हैं।
सरकारी आवास बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं हुआ पारित
पिछले महीने स्पेन सरकार ने चार साल में सार्वजनिक आवास बढ़ाने और युवाओं को किराए और घर खरीदने में मदद देने के लिए सात अरब यूरो की योजना को मंजूरी दी थी। हालांकि, किराए पर अस्थायी रोक बढ़ाने का प्रस्ताव संसद से पारित नहीं हो सका, जिससे सरकार पर आवास संकट को लेकर दबाव बढ़ गया है।
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कई बार सड़कों पर उतर चुके लोग
पिछले कुछ वर्षों में स्पेन में कई बार लोग सड़कों पर उतरकर बढ़ते किराए और घरों की कीमतों का विरोध कर चुके हैं। लोगों की एक बड़ी मांग यह भी है कि शहरों में तेजी से बढ़ रहे टूरिस्ट रेंटल (पर्यटकों के लिए किराए पर दिए जाने वाले मकान या कमरे) पर सख्ती की जाए।
आंकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक स्पेन में घरों की कीमतों में लगभग 13 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, स्पेन के केंद्रीय बैंक का अनुमान है कि देश में लगभग सात लाख घरों की कमी है।