दूसरी ओर विस्फोट के बाद फ्रांस लेबनान के साथ खड़ा है यह जताने के लिए राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों यहां आए हैं। फ्रांस और अन्य देशों ने आपात सहायता और खोज व बचाव दलों को यहां भेजा है। लेकिन पहले से ही गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे लेबनान को वापस खड़े करने के लिए बड़ी अंतरराष्ट्रीय मदद की जरूरत होगी।
मैक्रों ने यहां कहा कि लेबनान के नेताओं को अपने यहां की सच्चाईयों को सुनने की जरूरत है। उन्होंने लेबनान के लोगों की मदद के लिए सहायता की पेशकश की। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पहले से ही संकट से जूझ रहा लेबनान और डूबता जाएगा अगर यहां के नेता सुधारों को अमल में नहीं लाते हैं।
पहले ही गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे लेबनान को इस धमाके ने झकझोर कर रख दिया है। अब वह फिर से खड़ा होने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद की उम्मीद कर रहा है। कोविड-19 के चलते देश के अधिकतर अस्पताल पहले ही भरे हैं। ऐसे में धमाके में घायल लोगों के इलाज में खासी समस्या सामने आ रही है।
बेरूत के गवर्नर मरवान अबूद ने बुधवार को सऊदी अरब द्वारा संचालित टीवी स्टेशन अल-हदस को बताया कि इस धमाके से लगभग 10 से 15 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है। साथ ही उन्होंने कहा कि लगभग तीन लाख लोग बेघर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बेरूत का बंदरगाह भी बर्बाद हो गया है।