चीन में वुहान के प्रमुख कोरोना अस्पताल से ठीक होकर घर लौट चुके करीब 90 फीसदी मरीज फेफड़ों की समस्या से जूझ रहे हैं। जबकि पांच फीसदी मरीज फिर से पॉजीटिव पाए जाने के बाद क्वारंटीन किए गए हैं।
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वुहान विश्वविद्यालय के झोंगनान अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट के निदेशक पेंग जिहयोंग के नेतृत्व में अप्रैल में ठीक हो चुके 100 लोगों के नमूने लिए गए, जिन में से 90 फीसदी के फेफड़ों में समस्या पाई गई।
नतीजों में पता चला कि इतनी बड़ी संख्या में रोगियों के फेफड़े अभी भी क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं, जिसका अर्थ है कि उनके फेफड़ों के वेंटिलेशन और गैस एक्सचेंज फंक्शन स्वस्थ लोगों के स्तर तक नहीं पहुंच पाए। अध्ययन में रोगियों की औसत आयु 59 है।
स्वस्थ होने के बाद मानसिक बीमारियों का शिकार हो रहे लोग
कोरोना से ठीक होकर घर लौटे आधे से ज्यादा लोग मानसिक बीमारियों से जूझ रहे हैं। इटली के मिलान में स्थित सैन राफेल अस्पताल में किए गए अध्ययन के अनुसार अस्पताल में भर्ती संक्रमितों में ठीक होने के बाद मानसिक बीमारियों के लक्षण दिखाई दिए।
इनमें, ज्यादातर लोगों को नींद ना आने की समस्या से गुजरना पड़ रहा है। करीब 40 प्रतिशत लोगों में नींद ना आने के लक्षण दिखाई दिए हैं। वहीं 31 प्रतिशत लोग डिप्रेशन का शिकार हो चुके हैं, तो 42 प्रतिशत लोग एंग्जाइटी की समस्या से जूझ रहे हैं।