एक फिल्म आई ती ज्वैल थीफ, जिसमें हीरो बड़े ही नाटकीय तरीके से गहने चोरी करता है और बड़े आराम से भाग निकलता है। वैसे बॉलीवुड हो या हॉलीवुड की फिल्में चोरियों की कहानी खूब देखी गई है जहां चोर चोरी करने के लिए दुबई से लेकर लंदन तक पहुंचते हैं और रेगिस्तान के रास्ते या फिर एसी के पाइप के रास्ते भाग निकलते हैं और दर्शकों की खूब तालियां बटोरते हैं। लेकिन नया मामला स्वीडन का है जहां भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच चोर कैथड्रेल में रखे करोड़ों के ऐतिहासिक और मूल्यवान आभूषण चोरी कर स्पीड बोट से भाग निकले।
चोरी बिलकुल फिल्मी स्टाइल में
पिछले दिनों स्वीडन के एक कस्बे में 17वीं सदी के आसपास के आभूषणों की प्रदर्शनी लगी थी, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। मामला तब बिलकुल फिल्मी बन गया जब चोर हजारों दर्शकों के बीच चोरी कर निकल भागे। यही नहीं चोरों ने सुरक्षा के लिए लगाए गए ग्लास को भी तोड़ दिया और एतिहासिक गहने चोरी कर के ले गए। चोरों ने इतनी चालाकी से चोरी को अंजाम दिया कि चोरी के वक्त सिक्योरिटी अलार्म ने भी काम करना बंद कर दिया। पुलिस बस सबकुछ देखती रह गई और बाद में कहा, 'सब कुछ जल्दबाजी में हुआ और चोर जेट स्कीज से भाग निकले।
क्या क्या चोरी हुआ
पुलिस ने बताया कि चोरों ने किंग कार्ल नौ और क्वीन क्रिस्टियाना के मुकुट चुराया। किंग का मुकुट सोने से बना था और उसमें महंगे क्रिस्टल और मोती की सजावट थी। क्वीन क्रिस्टिना के मुकुट में भी महंगे पत्थर और मोती लगे थे और सोने का क्वीन का मुकुट किंग के मुकुट से कम महंगा था।' चूंकि चोरी गए गहनों का एतिहासिक महत्व है इसलिए सरकार ने बिना समय गंवाए इंटरपोल से संपर्क साधा है। यही नहीं पुलिस गहनों को बरामद करने के लिए अंतराष्ट्रीय स्तर पर ऑपरेशन चलाने की योजना बना रही है। स्टॉकहोम पुलिस का मानना है कि चुंकि चोरी गया सामान राष्ट्रीय संपदा है इसलिए देश में इसका खरीदार मिलना असंभव है। स्वीडिश पुलिस की नैशनल ऑपरेशंस डिपार्टमेंट की सदस्य मारिया एलियर और अगर इसे अंतराष्ट्रीय बाजार में बेचने की कोशिश की जाती है तो हम इंटरपोल से संपर्क कर रहे हैं।