दूसरी कोरोना लहर के कारण भारत में बेकाबू हुए हालात से निपटने व कोरोना से जंग के लिए यूरोपियन यूनियन के कई देश आगे आए हैं। वे बड़ी संख्या में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, सिलिंडर, वेंटिलेटर, दवाइयां, इंजेक्शन आदि की और खेप भेजेंगे।
सोमवार को ईयू की नागरिक संरक्षण प्रणाली ने भारत के लिए अतिरिक्त मदद भेजने का निर्णय लिया। भारत जबर्दस्त कोरोना लहर का सामना कर रहा है। पिछले सप्ताह यूरोपियन यूनियन ने आयरलैंड, बेल्जियम, रोमानिया, लक्जमबर्ग के मदद के प्रस्ताव का समर्थन किया था।
यूरोपियन यूनियन ने बताया कि पुर्तगाल, स्वीडन, फ्रांस, इटली, आस्ट्रिया, फिनलैंड व अन्य सदस्य देश भारत के आपात चिकित्सा आपूर्ति जुटा रहे हैं। चेकस्लोवाकिया, डेनमार्क, स्पेन, नीदरलैंड्स व जर्मनी के अतिरिक्त आपात चिकित्सा पैकेज को ईयू की प्रणाली के तहत भेजने का प्रस्ताव किया गया है। इनमें चेकस्लोवाकिया से 500 ऑक्सीजन सिलिंडर्स, डेनमार्क से 53 वेंटिलेटर्स, स्पेन से 119 कंसंट्रेटर्स, 30 हजार वॉयल रेमडेसिविर इंजेक्शन, नीदरलैंड्स से 516 वेंटिलेटर्स और जर्मनी से एक ऑक्सीजन जनरेटर शामिल है। अमेरिका व रूस के अलावा ईयू के देश पहले भी भारत को राहत व बचाव सामग्री की बड़ी खेप भेज चुके हैं।