संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में पिछले कई दिनों से मूसलाधार बारिश हो रही है। ये बारिश किसी एक इलाके में नहीं, बल्कि पूरे अमीरात में हुई। मूसलाधार बारिश से शारजाह, रास अल खैमाह और फुजैराह विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। गौरतलब है कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को अपनी रेगिस्तानी जलवायु और बहुत गर्मी और हल्की ठंड के लिए जाना जाता है। लेकिन अब यूएई भी जलवायु परिवर्तन के चलते ऐसी स्थिति को देख रहा है।
राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (NCM) ने अमीरात में भारी बारिश की बढ़ती आवृत्ति के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराया है। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का हवाला देते हुए वहां की मीडिया का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन संभवतः संयुक्त अरब अमीरात में बारिश की आवृत्ति में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार कारणों में से एक है। यूएई में बारिश के लिए एक अन्य कारक अल नीनो और ला नीना घटनाएं जलवायु पैटर्न हैं जो दुनिया भर में मौसम को प्रभावित कर सकती हैं।
गौरतलब है कि ला नीना की घटनाओं के कारण कई देशों के लिए गंभीर मौसम की स्थिति पैदा हो गई है। जैसे कि दुबई में इस समय बारिश हो रही है। गौरतलब है कि ला नीना की घटना तेज सामुद्रिक हवाओं के कारण एशिया की ओर अधिक गर्म पानी को धकेलती है, यह सतह के पानी के तापमान और वातावरण की स्थिति को बदल देती है, जिससे कई देशों के लिए गंभीर मौसम की स्थिति पैदा हो जाती है।
राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (एनसीएम) के एक अधिकारी ने बताया कि इस साल शारजाह, रास अल खैमाह और फुजैराह विशेष रूप से बारिश से प्रभावित हुए। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात के ओएसिस शहर, अल ऐन में भी इस गर्मी में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। गुरुवार को जारी एनसीएम के पांच दिवसीय पूर्वानुमान के मुताबिक, दुबई में दिन में मौसम गर्म रहेगा, लेकिन अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहेंगे। पूर्वानुमान में यह भी कहा गया है कि संवहनी बादलों के कारण बारिश हो सकती है।
इस बीच, भारी बारिश के कारण संयुक्त अरब अमीरात में बारिश प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले गैर-जरूरी कर्मचारियों को गुरुवार और शुक्रवार को घर से ही काम करने की अनुमति दी गई है। यूएई कैबिनेट ने सभी संघीय विभागों को इसकी व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। साथ ही मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (एमओएचआरई) ने निजी क्षेत्र की कंपनियों के लिए भी यही नोटिस जारी किया है।
यूएई कैबिनेट ने बुधवार को देश भर में मूसलाधार बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए ऊर्जा और बुनियादी ढांचा मंत्री की अध्यक्षता में एक तत्काल समिति के गठन का निर्देश दिया है। साथ ही और समिति को इससे होने वाले नुकसान और बाढ़ पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया है।