फलस्तीन में यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के प्रतिनिधि डॉक्टर रिक पीपरकोर्न ने बताया कि विशाल मात्रा में जरूरी चिकित्सा आपूर्ति वितरित की गई है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि यह इतनी भीषण आपदा है कि वो पर्याप्त नहीं है। दक्षिणी गाजा स्थित राफा में विस्थापितों के लिए बनाए गए एक शिविर पर इस्राइली हवाई कार्रवाई की व्यापक स्तर पर अंतरराष्ट्रीय निंदा हुई है। रविवाह को हुई इस घटना में बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं।
उन्होंने यूएन न्यूज के साथ एक बातचीत में कहा कि विस्थापित लोगों पर हुआ यह हमला निंदनीय है और यह दर्शाता है कि गाजा में कोई भी स्थान सुरक्षित नहीं है। यूएन मानवतावादी कार्यालय (OCHA) द्वारा एक वीडियो साझा किया गया है, जिसमें एक फील्ड अस्पताल में मरीजों का उपचार किया जा रहा है। इस वीडियो में एक घायल पिता ने उस क्षण को बयां किया है, जिसमें हमले की वजह से उनके बच्चों की जान चली गई।
मोहम्मद अल गूफ ने कहा कि जब हमला हुआ तो वो अपने बच्चों के बारे में सोच रहे थे। मैंने उनसे सुपरमार्केट में जाने, कुछ खरीदारी करने और गले लगने का वादा किया था। मगर, दुर्भाग्यवश, मैं यहां हूं और वो एक अलग स्थान पर हैं। यूएन एजेंसी ने यह वीडियो सोमवार को रिकॉर्ड किया था। अंतरराष्ट्रीय मेडिकल कोर (IMC) के चिकित्सा निदेशक ने बताया कि मृतकों के अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है। मैंने एक पिता के मृत शरीर को देखा, जिसने अपने बच्चों को पकड़ा हुआ है, उसकी आयु सम्भवत: तीन वर्ष की होगी। वे बुरी तरह से जले हुए हैं। हम उन्हें अलग नहीं कर सकते हैं। इसलिए, हमने दोनों को एक बॉडी बैग में रख दिया है. यह बहुत, बहुत मुश्किल है।
उचित स्वास्थ्य देखभाल का अभाव
IMC के फील्ड अस्पताल में करीब 75 मरीजों का उपचार किया जा रहा है, जिनमें से 25 की हालत बेहद गम्भीर है। उन्होंने चिंता जताई कि जले हुए मरीजों और चोट के उपचार के लिए पर्याप्त सुविधाओं व दवाओं की किल्लत है और गाजा में पहुंच से दूर हैं। इस्राइली सेना ने इस महीने की शुरुआत में राफा में मुख्य सीमा चौकियों को अपने नियंत्रण में ले लिया था, जहां से होकर सामग्री की आपूर्ति की जाती है।
डॉक्टर रिक पीपरकोर्न ने कहा कि आप गाजा में बस इतना ही कर सकते हैं और बहुत बुरी तरह से जले हुए मामलों में गाजा में ऐसा कोई स्थान नहीं है, जहां उनका इलाज किया जा सके। राफा चौकी के बंद होने से अब तक, हमारे पास राफा में केवल तीन ट्रक आए हैं। वे केरेम शेलॉम चौकी के जरिए हुए और वही एकमात्र आपूर्ति है। भाग्यवश, हमारे पास अब भी कुछ सामग्री है मगर यह तेजी से खत्म होती जा रही है।
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, जीवनरक्षक सहायता आपूर्ति का अभाव बेहद खतरनाक हो सकता है और इसे टालने के लिए बड़े स्तर पर मानवीय सहायता काफिलों को यहां पहुंचने की अनुमति देनी होगी।
सहायता मार्ग में अवरोध
बताया गया है कि गाजा में प्रवेश के लिए यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के 60 ट्रक तैयार खड़े हैं। इसलिए राफा चौकी को जल्द से जल्द ना केवल मेडिकल सामान के लिए खोले जाने की जरूरत है, बल्कि अन्य मानवीय आवश्यकताओं को पूरा किया जाना होगा। संगठन द्वारा पहले भी चेतावनी जारी की जा चुकी है कि मौजूदा आवश्यकताओं के मद्देनजर पर्याप्त मात्रा में चिकित्सा आपूर्ति का अभाव है और गम्भीर रूप से बीमार या घायल लोगों की जिंदगियों पर जोखिम है।
डॉक्टर पीपरकोर्ट के अनुसार, 10 हजार से अधिक मरीज़ों को गाजा के बाहर इलाज के लिए ले जाना होगा, जिसके लिए तुरंत परिवहन व्यवस्था का प्रबन्ध करना होगा, मगर 6 मई से राफा बंद है। मेडिकल जरूरतों से किसी भी व्यक्ति को बाहर ले जाना सम्भव नहीं है।
10 लाख से अधिक विस्थापित
इस बीच, फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए यूएन एजेंसी (UNRWA) ने कहा है कि राफा शहर से पिछले तीन हफ्तों में 9 लाख 40 हजार से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। वहीं, उत्तरी गाजा में विस्थापितों की संख्या एक लाख बताई गई है। यूएन मानवतावादी कार्यालय (OCHA) ने मंगलवार को अपने एक अपडेट में बताया कि राफा में हमले बेरोकटोक जारी हैं और लड़ाई के कारण विस्थापित हुए फलस्तीनी, भोजन, शरण, जल और अन्य जरूरी सामानों की किल्लत से जूझ रहे हैं।
यूएन एजेंसी ने बताया कि 1 मई से 26 मई के दौरान, इस्राइली प्रशासन ने उन इलाकों के लिए 137 मानवीय सहायता मिशन को स्वीकृति दी थी, जिन्हें गाजा में समन्वय की आवश्यकता होती। मगर, 86 मिशनों को हरी झंडी मिलने के बाद बाधा का सामना करना पड़ा या फिर उन्हें शुरू में ही नकार दिया गया, जबकि 43 मिशन स्थगित कर दिए गए।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)