चीन ने अपने देश में उइगर जातीय समुदाय को खत्म करने का अभियान छेड़ते हुए हाल के वर्षों में कई प्रमुख धर्मस्थल और मस्जिदों को या तो बंद कर दिया है अथवा ध्वस्त कर दिया है। इनमें से अधिकांश धर्मस्थल मुसलमानों की संस्कृति और इस्लामी मान्यताओं को संरक्षण देते रहे हैं। चीन की इस कोशिश को उइगर मुस्लिमों का इतिहास मिटाने का प्रयास माना जा रहा है।
ऑस्ट्रेलियन स्ट्रैटेजिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट (एएसपीआई) के मुताबिक, पश्चिमी चीन के शिनजियांग प्रांत में करीब 2017 के बाद से 8,500 मस्जिदें पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी हैं। जबकि सरकार का कहना है कि इस क्षेत्र में मस्जिदों की एक तिहाई से अधिक संख्या है।
शोधकर्ता नाथन रुसर ने बताया कि इससे पता चलता है कि सांस्कृतिक क्रांति के बाद विध्वंस और पतन का यह अभूतपूर्व अभियान है। एएसपीआई की यह रिपोर्ट शिनजियांग में 533 ज्ञात मस्जिदों और प्रत्येक साइट के उपग्रह चित्रों के नमूनों पर आधारित है जो समय समय पर बदलाव के साथ दर्ज किए गए।
इस बीच, बीजिंग ने इस रिपोर्ट को पक्षपाती और एएसपीआई को अमेरिकी सरकार का वित्त पोषण मिलने की बात कहते हुए खारिज कर दिया है। इस रिपोर्ट को नाथन रुसर के अलावा जेम्स लीबोल्ड, केल्सी मुनरो और तीला होजा ने तैयार किया है।
सांस्कृतिक नरसंहार की कोशिश
रिपोर्ट के मुताबिक, 2017 में न सिर्फ 10 लाख से ज्यादा उइगरों को हिरासत में लिया गया बल्कि उनकी संस्कृति और पहचान पर हमला किया गया। इसे सांस्कृतिक नरसंहार का नाम दिया गया है।
इसके तहत अक्सू में कम से कम 400 कब्रिस्तानों को अपवित्र कर उनके स्थान पर दूसरे ढांचे खड़े कर दिए गए हैं। रिपोर्ट में आशंका जताई गई कि अभी मौजूद मस्जिदों में कई लोग प्रार्थना तक के लिए नहीं जाते हैं।
शिनजियांग में पर्यवेक्षकों को अनुमति दे चीन : ईयू
यूरोपीय संघ (ईयू) ने शिनजियांग में स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को पहुंच की अनुमति देने का आह्वान किया है। इन पर्यवेक्षकों में संयुक्त राष्ट्र के मानव अधिकार उच्चायुक्त भी शामिल है। मानवाधिकार परिषद के 45वें सत्र में ईयू की ओर से जर्मन दूत माइकल फ्रे ईहर्र वॉन ने कहा हम चीन से शिनजियांग क्षेत्र में यूएनएचआरसी उच्चायुक्त व स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को अनुमति देने की मांग दोहराते हैं।
अमेरिका में सिर्फ 90 दिन रह पाएंगे चीनी पत्रकार
ट्रंप प्रशासन ने चीन के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हुए अमेरिका में चीनी पत्रकारों को सिर्फ 90 दिन तक ही रुकने की अनुमति दी है। यह प्रस्ताव अमेरिका में गृह सुरक्षा मंत्रालय के उस प्रस्ताव का हिस्सा है जिसमें विदेशी पत्रकारों और शोधकर्ताओं को निश्चित अवधि का वीजा देने की बात कही गई है। मार्च में विदेश मंत्रालय ने चीनी मीडिया को अपने कर्मचारियों की संख्या में कम करने को कहा था।