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खरी-खरी: संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत की मांग, नए स्थायी सदस्यों को भी दिया जाए वीटो का अधिकार

Tue, 26 Apr 2022 10:29 PM IST
Amit Mandal एएनआई, संयुक्त राष्ट्र

सार

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने स्प्ष्ट शब्दों में कहा कि सभी 5 स्थायी सदस्यों ने अपने-अपने राजनीतिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए पिछले 75 वर्षों में वीटो का उपयोग किया है। 
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संयुक्त राष्ट्र - फोटो : pixabay
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विस्तार
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वीटो के उपयोग के मामले में संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए स्थायी जनादेश पर संकल्प में भारत ने अपना नजरिया दुनिया के सामने रखा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के उप स्थायी प्रतिनिधि राजदूत आर रवींद्र ने कहा कि वीटो का उपयोग करने का विशेषाधिकार केवल पांच सदस्य देशों को दिया गया है। यूएनजीए इसके बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकता है क्योंकि प्रभावी रूप से पी-5 के पास वीटो है। सभी 5 स्थायी सदस्यों ने अपने-अपने राजनीतिक उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए पिछले 75 वर्षों में वीटो का उपयोग किया है। 

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नए स्थायी सदस्यों को भी वीटो का अधिकार दिया जाए  
उन्होंने कहा, जैसा कि हमारे अफ्रीकी भाइयों और बहनों द्वारा कहा जाता है, यह देशों की संप्रभु समानता की अवधारणा के खिलाफ है और द्वितीय विश्व युद्ध की मानसिकता को कायम रखता है। या तो मतदान के अधिकार के संदर्भ में सभी के साथ समान व्यवहार किया जाए या फिर नए स्थायी सदस्यों को भी वीटो का अधिकार दिया जाना चाहिए। 

इसलिए हम आशा करते हैं कि सदस्यता की श्रेणी के पहलुओं और परिषद के कामकाज के तरीकों पर ध्यान केंद्रित करने वाले तथ्यों के प्रयासों को बिना किसी दोहरे मानकों के और भविष्य में इसी तरह के मानदंड के साथ माना जाएगा।
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आर रवींद्र ने कहा कि इस संबंध में मुझे हमारे अफ्रीकी भाइयों और बहनों ने आईजीएन में बार-बार कहा है। सैद्धांतिक रूप में वीटो को समाप्त कर दिया जाना चाहिए। हालांकि, सामान्य न्याय के मामले के रूप में इसे नए स्थायी सदस्यों तक बढ़ाया जाना चाहिए जब तक कि यह अस्तित्व में रहता है। 

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