जबरन गायब कराए गए पीड़ितों (विक्टिम्स ऑफ इनफोर्स्ड डिस्पीयरेंस) के अंतरराष्ट्रीय दिवस पर पाकिस्तान के खिलाफ दुनिया भर में प्रदर्शन हुए। ब्रिटेन में कई प्रदर्शनकारी संसद के बाहर एकत्रित हुए और पाक सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कई लोगों ने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के आवास पर भी प्रदर्शन किया। वहीं, कनाडा में सिधी, बलूच और पख्तूनों ने पाक अत्याचारों की जानकारी दुनिया को दी।
कनाडा के टोरंटो शहर में बलूच, सिंधी और पख्तून संगठनों के सदस्यों ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान में लोगों को जबरन गायब करने, इस्लाम में धर्मांतरण कराने और असाधारण हत्याओं को दबाने के लिए दबाव की नीति बनाने की मांग की।
बलूच नेशनल मूवमेंट, कनाडा पख्तून काउंसिल, पख्तून तहफुज मूवमेंट और वर्ल्ड सिंधी कांग्रेस के नेताओं ने पाकिस्तानी सेना को पाक, बलूचिस्तान व सिंध के कब्जे वाली सेना कहा। लंदन में ब्रिटिश संसद और पीएम बोरिस जॉनसन के आवास के बाहर सिंधी-बलूच फोरम और फ्री बलूचिस्तान मूवमेंट ने बलूचिस्तान में हो रहे दमनकारी शासन के विरुद्ध पाक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए।
प्रदर्शनकारियों ने बलूचिस्तान में जारी पाक अत्याचारों की जानकारी पूरी दुनिया को दी। उन्होंने बोरिस जॉनसन से अपील की कि वे बलूचिस्तान में मानवाधिकार हनन का संज्ञान लें।
पाक का समर्थन रोके विश्व समुदाय
ब्रिटेन और कनाडा में हुए प्रदर्शनों में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान का समर्थन रोकने का आग्रह किया गया। बैनर-पोस्टर लिए कार्यकर्ताओं ने कहा कि पाक में हजारों निर्दोष बलूच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बाद में वे गायब हो गए हैं। उनमें से कई हिरासत में मारे गए हैं। उन्होंने अपील की कि इस संबंध में एक तथ्य खोजने वाला मिशन होना चाहिए।
अमेरिका में भी पाक विरोधी आवाजें बुलंद
अमेरिकी शहर न्यूयॉर्क में भी रविवार को पाकिस्तानी दूतावास के सामने लोगों ने पाक सेना और खुफिया एजेंसी द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के अपहरण के विरोध में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उन लोगों के पक्ष में अंतरराष्ट्रीय आवाज बुलंद करना था जिन्हें पाक सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई ने गायब कर दिया है। इन लोगों में सिंधी, बलूच, पख्तून और अल्पसंख्यक लोग शामिल हैं।