चीन और रूस की सेनाओं का साझा अभ्यास अगले सोमवार से चीन के निंगशिया हुज स्वायत्त क्षेत्र में शुरू होगा। यहां के सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि इस साझा अभ्यास में ध्यान आतंकवाद से मुकाबले और सुरक्षा के ऊपर केंद्रित रखा जाएगा। अमेरिका या सहयोगी देश इसका निशाना नहीं हैं। पांच दिन चलने वाले इस अभ्यास में 10 हजार से ज्यादा सैनिक भाग लेंगे। इसे जपाड (आपसी मेलजोल)- 2021 नाम दिया गया है।
चीन की युवान वांग मिलिटरी साइंस एंड टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी में रिसर्चर जाऊ चेनमिंग ने हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से कहा कि ये साझा सैनिक अभ्यास मध्य एशिया में स्थिरता पर केंद्रित रहेगा। इसकी वजह यह है कि 20 साल तक अफगानिस्तान में रहने के बाद अब अमेरिकी और नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) के सैनिक वहां से वापस जा रहे हैँ। झाऊ ने कहा कि अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देश रूस और चीन की मिसाइल शक्ति से चिंतित हैं। लेकिन ये अभ्यान थल सेना का है।