फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तान: प्राकृतिक गैस की बढ़ी किल्लत, गिरेगा निर्यात, इमरान की बढ़ी मुसीबत

Wed, 05 Jan 2022 04:31 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

जानकारों के मुताबिक पाकिस्तान एलएनजी गैस का एक बड़े आयातक देश बन गया है। इसकी वजह देश के अंदर गैस का उत्पादन घट जाना है। पाकिस्तान में प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल भोजन पकाने के अलावा बिजली उत्पादन के लिए भी होता है। पिछले कुछ महीनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी प्राकृतिक गैस की कमी और महंगाई का पाकिस्तान पर बहुत खराब असर हुआ है...
विज्ञापन
प्रधानमंत्री इमरान खान - फोटो : Agency (File Photo)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान में प्राकृतिक गैस की भारी किल्लत का बहुत खराब असर कई खास उद्योगों पर हो रहा है। इससे पाकिस्तान के निर्यात में भारी गिरावट आने लगी है। महंगाई और रुपये का भाव गिरने की समस्या से पाकिस्तान पहले से ही जूझ रहा है। जानकारों का कहना है कि निर्यात में गिरावट से उसकी आर्थिक मुसीबतें और बढ़ जाएंगी।

विज्ञापन


ऑल पाकिस्तान टेक्सटाइल्स मिल्स एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक शाहिद सत्तार ने टीवी चैनल अल-जजीरा से कहा- पिछले महीने लगभग 25 करोड़ डॉलर का कपड़े का निर्यात नहीं हो सका। ऐसा पंजाब प्रांत में कारखानों के बंद होने जाने की वजह से हुआ। इस प्रांत की फैक्टरियां प्राकृतिक गैस से आयात पर निर्भर हैं। देश में जो गैस उपलब्ध है, उसकी सप्लाई दूसरे इलाकों को कर दी जा रही है।

एलएनजी गैस का आयात बढ़ाया

जानकारों के मुताबिक पाकिस्तान एलएनजी गैस का एक बड़े आयातक देश बन गया है। इसकी वजह देश के अंदर गैस का उत्पादन घट जाना है। पाकिस्तान में प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल भोजन पकाने के अलावा बिजली उत्पादन के लिए भी होता है। पिछले कुछ महीनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी प्राकृतिक गैस की कमी और महंगाई का पाकिस्तान पर बहुत खराब असर हुआ है।

पाकिस्तान का सबसे बड़ा निर्यातक टेक्सटाइल उद्योग है। डेनिम जींस से लेकर हैट्स आदि का पाकिस्तान से अमेरिका और यूरोप को निर्यात होता है। 2021 के पहले नौ महीनों में टेक्सटाइल उद्योग के उत्पादन में औसतन छह फीसदी की बढ़ोतरी हुई। पाकिस्तान सरकार के आंकड़ों के मुताबिक देश से हुए कुल निर्यात में टेक्सटाइल उद्योग का हिस्सा लगभग 60 फीसदी रहा है।

विज्ञापन


शाहिद सत्तार ने अल-जजीरा से कहा- ‘गैस की महंगाई से बड़ी बाधा सामने आ गई है। ऊर्जा मंत्रालय गैस की पर्याप्त सप्लाई करने में नाकाम रहा है। इसकी वजह से उत्पादन में गिरावट आई है। इसका असर पाकिस्तान के भावी निर्यात और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।’ सरकरी आंकड़ों के मुताबिक 2021 में पाकिस्तान मार्च से नवंबर तक 11.4 बिलियन डॉलर के टेक्सटाइल्स का निर्यात हुआ।

पाकिस्तानी रुपये के कमजोर होने से राजनीतिक असंतोष बढ़ा

प्राकृतिक गैस की कमी का असर सिर्फ इसी उद्योग पर नहीं पड़ा है। बल्कि अर्थव्यवस्था के कई दूसरे क्षेत्र भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुए हैँ। पर्यवेक्षकों का कहना है कि पाकिस्तानी रुपये के कमजोर होने और महंगाई बढ़ने के कारण देश में राजनीतिक असंतोष बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के लिए इससे गंभीर चुनौतियां पैदा हो रही हैं। पीटीआई की लोकप्रियता में गिरावट के साफ संकेत मिल रहे हैं। 2023 में पाकिस्तान में आम चुनाव होगा। जानकारों का कहना है कि अगर तब तक अर्थव्यवस्था की स्थिति नहीं सुधरी, तो पीटीआई को चुनाव में भारी नुकसान हो सकता है।

विश्लेषकों कहना है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए प्राकृतिक गैस की किल्लत दूर होना जरूरी है। बीते नवंबर में एलएनजी की अतिरिक्त खरीदारी के लिए पाकिस्तान सरकार ने इमरजेंसी टेंडर जारी किया था। लेकिन हाल ही में गैस सप्लायर कंपनी गुनवॉर ने पाकिस्तान सरकार को सूचित किया कि वह पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक 10 जनवरी को अतिरिक्त गैस की सप्लाई नहीं कर पाएगी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें