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फ्रांस के वैज्ञानिकों का दावा, कोरोना का पहला मामला यूरोप में आया था

Tue, 02 Jun 2020 12:17 PM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस

सार

  • फ्रांस के वैज्ञानिकों का दावा, यूरोप में आया था कोरोना का पहला मामला
  • नवंबर-दिसंबर में अस्पताल में फ्लू शिकायत वाले 2,500 मरीजों की एक्स-रे रिपोर्ट का अध्ययन
  • अध्ययन में दो एक्स-रे रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि की गई है
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कोरोना वायरस पर खुलासा - फोटो : PTI
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विस्तार
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कोरोना को लेकर फ्रांस के वैज्ञानिकों ने एक बड़ा खुलासा किया है। फ्रांस के वैज्ञानिकों की एक टीम ने दावा किया है कि कोरोना वायरस का पहला मामले चीन के वुहान से पहले यूरोप में 16 नवबंर 2019 को ही आ गया था।

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उत्तर-पूर्व फ्रांस के एक अस्पताल ने नवंबर से दिसंबर के बीच अस्पतालों में फ्लू की शिकायत लेकर आए 2,500 से ज्यादा लोगों की एक्स-रे रिपोर्ट का अध्ययन किया है। अध्ययन में चौकांने वाला खुलासा किया गया कि केवल नवंबर में ही दो एक्स-रे रिपोर्ट ऐसी आईं, जिसमें कोरोना की पुष्टि हुई है।

ये बात अलग है कि उस समय डॉक्टर्स को कोरोना वायरस को लेकर कोई जानकारी नहीं थी। उत्तर-पूर्व फ्रांस के कॉलमार में स्थित अल्बर्ट श्वित्जर अस्पताल के डॉक्टर माइकल श्मिट और उनकी टीम ने दावा किया है कि अभी तक यूरोप के जिन देशों में कोरोना के मामले जीरो माने जा रहे थे, वो सारे दावे गलत साबित हो सकते हैं।
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फ्रांस के डॉक्टरों की टीम का दावा है कि ऐसा हो सकता है कि चीन में कोरोना का पहला मामला कभी आया ही ना हो क्योंकि यह संक्रमण नवबंर तक यूरोप में दस्तक दे चुका था। हालांकि फ्रांस में कोरोना के संक्रमित मामले 1,90,000 के करीब हैं और 28,833 लोगों की मौत हो चुकी है। दुनियाभर में कोरोना से संक्रमित देशों में फ्रांस आठवें नंबर पर है।
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