बता दें कि 10 मई को टाइम मैगजीन में छपे आतिश तासीर के लेख में पीएम मोदी को ‘भारत का डिवाइडर इन चीफ’ यानी ‘प्रमुख विभाजनकारी’ बताया गया था। जिसके बाद इस लेख पर काफी विवाद हुआ था। लोकसभा चुनाव के दौरान प्रकाशित इस लेख का इस्तेमाल मोदी के विरोधियों ने प्रचार में खूब इस्तेमाल किया था, जिसकी मोदी समर्थकों ने आलोचना की थी। इस लेख में तासीर ने लिंचिंग के मामलों और यूपी में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने समेत कई बातों को लेकर मोदी सरकार की आलोचना की थी।
टाइम ने पीएम मोदी को बताया था- देश को एक सूत्र में पिरोने वाला पीएम
28 मई को टाइम की वेबसाइट पर यह लेख ‘मोदी हेड यूनाइटेड इंडिया लाइक नो प्राइम मिनिस्टर इन डेकेड्स’ शीर्षक से छापा गया है जिसका अर्थ है- ‘मोदी ने भारत को इस तरह एकजुट किया है जितना दशकों में किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया’।
संकटग्रस्त पत्रिका है ‘टाइम’
‘टाइम’ एक संकटग्रस्त अंतरराष्ट्रीय पत्रिका है, जिसका स्वामित्व एक ही साल के भीतर दो हाथों में जा चुका है। पिछले साल मार्च में इसे बेटर होम्स और गार्डन्स जैसी पत्रिकाओं के प्रकाशक मेरेडिथ ने खरीदा था। उसके बाद सितंबर में यह दोबारा बिकी, जब इसे सेल्सफोर्स के संस्थापक और टेक उद्यमी मार्क बेनिऑफ तथा उनकी पत्नी ने खरीदा।