चीन ने पैंगोलिन को प्रथम श्रेणी के संरक्षित जानवरों में शामिल कर लिया है। इस श्रेणी में पांडा जैसे जानवरों को रखा गया है, जो विलुप्त होने के कगार पर हैं। चीन में पैंगोलिन के मांस को बड़े चाव से खाया जाता है और पारंपरिक चीनी दवाओं में इस स्तनधारी प्राणी के अंगों का इस्तेमाल होता है। इसलिए इसका बड़े पैमाने पर शिकार होता है। आशंका जताई गई है कि पैंगोलिन से ही कोरोना वायरस इंसानों में पहुंचा था।
सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स की शनिवार को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने इस सप्ताहांत पैंगोलिन की सभी प्रजातियों की द्वितीय श्रेणी को बढ़ाकर प्रथम कर दिया। बता दें कि प्रथम श्रेणी में संरक्षित जानवरों को रखा जाता है। इनके शिकार पर प्रतिबंध होता है। कोरोना के शुरुआती दौर में संदेह जताया गया था कि सांप और चमगादड़ खाने से यह खतरनाक वायरस फैला। बाद में चीनी वैज्ञानिकों ने माना था कि पैंगोलिन भी कोरोना वायरस का वाहक हो सकता है।