अमेजन के जंगलों में लगी आग
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ब्राजील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो वनों में लगी आग के आंकड़ाें को फर्जी करार दे रहे हैं। वैश्विक स्तर पर हो रही आलोचना के बाद उन्होंने आग के लिए विभिन्न एनजीओ को जिम्मेदार ठहराया है। बुधवार को फेसबुक पोस्ट में कहा कि कुछ एनजीओ जंगलों में आग लगाने की साजिश रच रहे थे। हालांकि राष्ट्रपति इसका साक्ष्य नहीं दे सके। उनका कहना है कि एनजीओ को पैसा नहीं मिल रहा है, इसलिए ब्राजील के लिए मुसीबतें खड़ी कर रहे हैं।
पर्यावरणविदों ने राष्ट्रपति की नीतियों को ठहराया दोषी
पर्यावरणविदों और जंगलों के संरक्षण के लिए काम कर रहे लोगों ने आग के लिए जंगलों को तेजी से काटने की राष्ट्रपति बोल्सोनारो की नीति को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि खेती और खनन के लिए जंगलों को जलाया जा रहा है। जनवरी 2019 में राष्ट्रपति बने बोल्सोनारो वर्षा वनों की सुरक्षा को प्राथमिकता नहीं मानते। वह कृषि, बांध और बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति बोल्सोनारो ‘विश्व वन्यजीव फंड’ को ब्राजील पर विदेशी एजेंडा थोपने के लिए नोटिस जारी कर चुके हैं। वहीं, पर्यावरण संरक्षण के पेरिस समझौते से हटाने की चेतावनी भी दे चुके हैं।
जुलाई में कटे से सबसे अधिक वन
विभिन्न संगठनों की रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2019 में अमेजन घाटी से 1,345 वर्ग किमी वन काट दिए गए। यह विश्व की सर्वाधिक आबादी वाले शहरी क्षेत्र टोकियो के क्षेत्रफल से करीब दोगुना है। अब तक के इतिहास में अमेजन घाटी से इतने वर्षा वन कभी एक साथ नहीं काटे गए।