थाईलैंड के पर्यटन प्राधिकरण (टीएटी) और बैंकॉक एयरवेज ने इस महीने से कंबोडिया, लाओ पीडीआर, म्यांमार और वियतनाम, मलेशिया, सिंगापुर और भारत से आने वाले यात्रियों को लुभाने के लिए नई पहल 'फ्लाई मी टू थाईलैंड' की शुरूआत की है। इसके तहत यात्रियों को कुछ विशेषाधिकारों के साथ उपहार कार्ड, छूट और कई अन्य विशेष आकर्षक ऑफर की पेशकश की जाएगी।
एएसईएएन दक्षिण एशिया और दक्षिण प्रशांत क्षेत्र के टीएटी के कार्यकारी निदेशक क्लिसादा रतनप्रुक ने बताया कि थाईलैंड अक्तूबर के बाद से इस साल के सबसे बड़े पर्यटक सीजन में प्रवेश कर रहा है। इसलिए यह हमारे पड़ोसी देशों के साथ-साथ वहां से आने वाले पर्यटकों को विशेष सुविधाएं प्रदान करने का एक उपयुक्त समय है। बता दें कि थाईलैंड जैसा छोटा सा देश लंबे समय से भारत का दोस्त रहा है।
देशभर के ऑपरेटरों की ओर से थाई यात्रा के दौरान पर्यटकों को दी जाने वाली विशेष सेवाएं और उत्पाद उनके यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने और जागरूकता बढ़ाने में मदद करेंगे।
सीएलएमवी, मलेशिया, सिंगापुर और भारत से आने वाले यात्री प्रचार कार्यक्रम 'फ्लाई मी टू थाईलैंड' के तहत बैंकॉक एयरवेज के जरिए तीन यात्रियों की हर सामूहिक तौर पर की गई बुकिंग से 800 बॉट (1,800 रुपये या यूएसडी 26) तक का गिफ्ट कार्ड हासिल कर सकते हैं। सबसे बड़ा खुदरा विक्रेता।
इसके जरिए यात्री होटल, रिसॉर्ट, स्पा, मनोरंजन पार्क, साहसिक पार्क, वाटर पार्क, संग्रहालय, रेस्तरां और सौंदर्य क्लीनिक सहित 63 पर्यटन प्रतिष्ठानों में विशेष छूट, आकर्षक ऑफर और अन्य विशेष सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं।
बता दें कि थाईलैंड पहले ही भारतीयों का पसंदीदा अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल रहा है, वर्तमान समय में यह और भी अधिक लोकप्रिय हो रहा है।
यहां के मुख्य आकर्षण में समुद्र तट, चकाचौंध से भरी रात्रि, शानदार भोजन, कई भारतीय शहरों से सीधी उड़ानें और सबसे महत्वपूर्ण यात्रा का न्यूनतम खर्च है।
यहां आवास की सुविधा भी अपेक्षाकृत सस्ती है। वहीं थाई नागरिक अपनी बेहतरीन मेहमाननवाजी के लिए जाने जाते हैं। इसी वजह से थाईलैंड को एक उपनाम "लैंड ऑफ स्माइल्स" भी कहा जाता है।
टीएटी को इस वर्ष करीब 20 लाख भारतीय पर्यटकों के आने की उम्मीद है। हालांकि साल दर साल यह आंकड़ा 24.5 प्रतिशत दर से बढ़ रहा है। पिछले सात माह में करीब 11 लाख पर्यटक आ चुके हैं।
पिछले साल कुल 15 लाख पर्यटक आए थे। यह संख्या साल 2017 के मुकाबले 13 प्रतिशत अधिक थी। थाईलैंड के पर्यटन और खेल मंत्रालय के अनुसार अन्य विदेशी पर्यटकों की तुलना में यहां आने वाले भारतीय पर्यटक अपनी हर यात्रा में 11 प्रतिशत अधिक खर्च करते हैं।