थाईलैंड और कंबोडिया के बीच सीमा पर जारी संघर्ष लगातार खतरनाक होता जा रहा है। रविवार को कंबोडिया की ओर से दागे गए रॉकेट से थाईलैंड के एक गांव में 63 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई। इस बात का दावा थाई सरकार ने की है। आइए जानते है कि दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष में अभी तक क्या-क्या हुआ?
कंबोडिया और थाईलैंड के बीच जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और खतरनाक मोड़ लेता हुआ दिख रहा है। इसी बीच थाईलैंड की सरकार ने दावा किया है कि रविवार को कंबोडिया की ओर से दागे गए एक रॉकेट से 63 साल के एक ग्रामीण की मौत हो गई। पिछले एक हफ्ते से चल रही सीमा झड़पों में यह पहली बार है जब किसी आम नागरिक की सीधे तौर पर लड़ाई में मौत की खबर आई है। बता दें कि यह संघर्ष 7 दिसंबर को शुरू हुआ था, जब एक झड़प में थाईलैंड के दो सैनिक घायल हो गए थे।
मृतक व्यक्ति की पहचान
संघर्ष में मारे गए व्यक्ति की पहचान डॉन पचापान के रूप में हुई है। थाई सेना के मुताबिक, उनकी मौत एक रिहायशी इलाके में हुई, जो एक स्कूल के पास स्थित है। थाई सरकार के प्रवक्ता सिरीपोंग अंगकासाकुलकियात ने कंबोडिया पर आरोप लगाया कि उसने जानबूझकर नागरिक इलाकों को निशाना बनाया, और इस कार्रवाई को निर्दयी और अमानवीय बताया।
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हथियारों का इस्तेमाल
गौरतलब है कि संघर्ष दिन-प्रतिदिन और बढ़ता ही जा रहा है। मीडिया रिपोर्टस की माने तो कंबोडिया ने ट्रक पर लगे BM-21 रॉकेट लॉन्चर तैनात किए हैं, जिनकी मारक दूरी 30 से 40 किलोमीटर तक है। एक लॉन्चर से एक बार में 40 रॉकेट दागे जा सकते हैं, लेकिन इन्हें सही निशाने पर दागना मुश्किल होता है। ज्यादातर रॉकेट ऐसे इलाकों में गिरे हैं, जहां से लोगों को पहले ही खाली करा लिया गया था। थाई अधिकारियों का कहना है कि कंबोडिया लगभग रोजाना हजारों रॉकेट दाग रहा है।
अब तक कितना नुकसान?