पाकिस्तानी सरकार ने मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद को कई वर्षों में पहली बार उसकी पसंदीदा जगह गद्दाफी स्टेडियम में ईद की नमाज का नेतृत्व करने की इजाजत नहीं दी गई। इसकी जगह सईद ने जौहर शहर की एक स्थानीय मस्जिद में नमाज पढ़ी।
एक अधिकारी ने बताया कि हाफिज सईद गद्दाफी स्टेडियम में ईद की नमाज का नेतृत्व करना चाहता था, लेकिन पंजाब सरकार एक दिन पहले मंगलवार को ही स्पष्ट कर दिया था कि अगर वह ऐसा करता है तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है। इसके बाद सईद के पास आदेश का पालन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
सईद बिना किसी अड़चन के बीते कई वर्षों से स्टेडियम में ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा की नमाज का नेतृत्व कर रहा था। यहां तक कि सरकार भी उसे पुख्ता सुरक्षा भी मुहैया कराती थी। सईद न सिर्फ नमाज का नेतृत्व करता था, बल्कि भारत के खिलाफ विशेषकर कश्मीर मुद्दे पर जहर भी उगलता था।
गौरतलब है कि मुंबई हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने हाफिज सईद पर 10 दिसंबर, 2008 को प्रतिबंध लगा दिया था। इस साल मार्च में पाकिस्तान की इमरान खान सरकार ने लाहौर में जमात उद दावा के मुख्यालय के जामिया मस्जिद कादसिया में उसके हर सप्ताह होने वाले उसके भाषण पर रोक लगा दी थी।
पाकिस्तान सरकार ने टेरर फंडिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की शर्तों को पूरा करने के लिए तीन महीने पहले आतंकी संगठनों पर कार्रवाई शुरू की थी। एफएटीएफ ने फरवरी में पाकिस्तान को टेरर फंडिंग पर लगाम लगाने में नाकाम रहने पर ग्रे लिस्ट में डालने का फैसला बरकरार रखा था।